naddaनयी दिल्ली,  केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) के सबंध में लाए गए अध्यादेश के तहत केवल राज्यों को एक साल की छूट दी गई है जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों को कोई रियायत नहीं दी गई है।

उन पर नीट के प्रावधान पूरी तरह लागू रहेंगे। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से नीट को एक साल तक टालने से सबंधित अध्यादेश पर आज हस्ताक्षर किए जाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में श्री नड्डा ने कहा की मीडिया के कुछ हलकों में यह गलत अफवाह फैलाई गई है कि सरकार नीट को खत्म करने के लिए अध्यादेश लेकर आई है जबकि हकीकत यह है कि नीट एक मई से लागू हो गया है।

अध्यादेश के जरिए इसमें बस इतना बदलाव किया गया है कि जो राज्य चाहें वे इसमें शामिल हो सकते हैं और जाे नहीं चाहते उन्हें अगले साल तक के लिए छूट दी गई है लेकिन अगले शिक्षा सत्र से इसे देशभर के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इसे अनिवार्य रुप से लागू कर दिया जायेगा।

निजी कॉलेजों में यह एक मई से लागू हो चुकी है। श्री नड्डा ने कहा कि बिहार समेत सात राज्यों ने नीट के तहत आने का फैसला किया है। दिल्ली में अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। वह आना चाहे तो आ सकता है। कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश ने इससे बाहर रहने का विकल्प चुना है।

उन्होंनें कहा कि अध्यादेश लागू होने पर सरकारी मेडिकल कॉलेज स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 2016-17 के शैक्षणिक सत्र में अपने स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं ले सकेंगे लेकिन इस साल दिसंबर से स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सभी परीक्षाएं नीट के तहत ही होंगी। इस बीच नीट के अध्यादेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और गैर कानूनी बताते हुए कहा है कि इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।