चेन्नई,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि संपादकीय स्वतंत्रता का समझदारी से इस्तेमाल जनता के हित में है। श्री मोदी ने कहा कि मीडिया चौथे स्तंभ के रूप में एक शक्ति अवश्य है, लेकिन इसका दुरुपयोग करना अपराध है।

तमिलनाडु के अग्रणी दैनिक ‘डेली थांती’ के प्लेटिनम जुबली समारोह में शामिल होने के दौरान श्री मोदी ने कहा, “समाचार पत्र केवल समाचार नहीं देते। वे हमारी सोच को बदलने और दुनिया देखने के लिए खिड़की खोलने का काम करते हैं।”

उन्होंने पिछले साढ़े सात दशक में ‘डेली थांती’ की भूमिका को रेखांकित करते हुए इसके संस्थापक सी पी अदितानार को श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि व्यापक संदर्भ में मीडिया समाज में परिवर्तन का साधन है। इसलिए हम मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि ब्रिटिश सरकार भारतीय भाषायी प्रेस से भयभीत थी इसलिए उसने भाषायी समाचार पत्रों की आवाज दबाने के लिए 1878 में वर्नाकुलर प्रेस अधिनियम लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में छपने वाले समाचार पत्रों की भूमिका उस समय की ही तरह आज भी महत्वपूर्ण है।

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