15lankaनयी दिल्ली,  भारत और श्रीलंका ने पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में मछुआरों की समस्या का दोनों देशों के मछुआरा संघों के बीच बातचीत से मानवीय आधार पर एक निश्चित समयसीमा में समाधान निकालने के प्रति आज अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने यहाँ हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय बैठक में यह प्रतिबद्धता जतायी। बैठक के बाद श्री मोदी ने मीडिया के समक्ष अपने वक्तव्य में कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि दोनों पक्षों के मछुआरा संघ इस समस्या का हल खोजने का प्रयास जारी रखें। भारत ने कहा है कि इस मुद्दे के आजीविका से जुड़ा होने के कारण इसे मानवीय दृष्टि से देखा जाये। उन्होंने कहा कि श्रीलंका को बताया गया है कि भारतीय मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकडऩे के लिये प्रोत्साहित करने के उपाय किये जा रहे हैं।

श्री विक्रमसिंघे ने श्री मोदी की बात से सहमति जतायी और कहा कि हम मछुआरा संघों को इस बात के लिये प्रेरित करेंगे कि इस समस्या का एक निश्चित समय सीमा में समाधान किया जाये। उल्लेखनीय है कि भारत खासकर तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना अक्सर हिरासत में ले लेती है जिसके कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारत सरकार समय-समय श्रीलंका के समक्ष इस मुद्दे को उठाती रही है।

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