22as20भोपाल 22 फरवरी नभासं. चतुर्थ भोपाल विज्ञान मेला जो कि भेल दशहरा मैदान में विगत 20 फरवरी से आयोजित किया जा रहा है, कि तीसरे दिन की शुरूआत जबलपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्रोफेसर धनंजय शर्मा के व्याख्यान से हुई.

जिन्होनें छात्रों के साथ मेक इन इंडिया के विचार पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा की हमारी समस्याओं का समाधान हम खुद करेंगें, यही मेरे लिए मेक इन इंडिया है. उन्होनें छात्रों को स्वास्थ्य सेवाओं में की गई उपलब्धियों के बारे में युवाओं को बताते हुऐ कहा की भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार के कई प्रयोग बहुत ही कम दामों पर सफलता पूर्वक किए गये है. प्रोफेसर शर्मा ने हर चुनौती को अवसर बनाकर उसके द्वारा नई उचाई पर पहुँचने की सीख दी.शर्मा में अपनी बात आगे बढाते हुये कहा कि, आवश्यकता जब रचनात्मकता से मिल जाती है तब ही नवाचार का प्रयोग होता है इसलिए उन्होंने युवाओं को नए विचारों के प्रति उत्सुक एवं जागरूक रहने की बात कहीं. उन्होंने विद्यार्थीयों को ज्ञानी, बुद्धिमानी, गौरवान्वित होने के साथ-साथ सभ्य रहने की भी सीख दी. प्रोफेसर शर्मा ने कहा की आज आवष्यकता सिर्फ आर्थिक सिद्धांतों की नहीं है बल्कि आवष्यकता जन कल्याण के सिद्धांत की कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता ऐसेन्चर कंपनी के महानिदेषक शेखर तिवारी एवं टाटा अंतर्राष्ट्ररीय लैदर विष्वविद्यालय के व्यापार प्रमुख राकेष अग्रवाल राकेष अग्रवाल ने जहाँ चमड़ा उद्योग के क्रियाकलापों एवं प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी वही उन्होंने टाटा कंपनी के देष को समर्पित हो कर किये गये योगदान को भी बताया. उन्होंने कहा की हमें सिर्फ सपने देखने में ही समर्थ नहीं होना चाहिये, बल्कि उन्हें सार्थक करने के लिए स्वयं को सामथ्र्यवान भी बनाना चाहिये. वहीं शेखर तिवारी ने मेक इन इंडिया पर अपने दृष्टीकोण को बताते हुये कहा की इसके माध्यम से किस तरह नए एवं छोटे-छोटे विचारों से बडे-बडे परिर्वतन लाये जा सकते है यह सीखा जा सकता ज्ञातव्य है कि विगत तीन दिनों से चल रहें इस मेले का आज अंतिम दिन है.

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