नयी दिल्ली, राष्ट्रपति पद की विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने सबको साथ लेकर चलने , सामाजिक न्याय तथा बहुलवाद के मूल्यों को इस पद के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए निर्वाचक मंडल के सदस्यों से अपील की है कि वे उम्मीदवार के बारे में अपना निर्णय लेते समय इन सिद्धांतों को ध्यान में रखें।

कांग्रेस सहित 17 विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवार बनायी गयी श्रीमती कुमार ने आज एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि इन दलों की ओर से उन्हें सर्वसम्मति से चुना जाना गौरव की बात है और इसके लिए वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा अन्य दलों के नेताओं को धन्यवाद देती हैं।

उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति का पद संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी से बंधा है। इसमें देश की सामाजिक और राजनीतिक सभ्यता तथा समावेशी विचारधारा निहित है। यह जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर है। यह प्रतिकात्मक पद नहीं है यह हमारी निर्वाचन प्रणाली के उस दर्शन को पूरी तरह व्यक्त करता है जिसमें क्षमता और अनुभव को सभी तथ्यों से अधिक महत्व दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वह समावेशी, सामाजिक न्याय और बहुलवाद के मूल्यों में पूरी तरह विश्वास करती हैं और राष्ट्र के सर्वोच्च प्रतिनिधि के रूप में राष्ट्रपति को इन्हें सबसे अधिक महत्व देना चाहिए। इन मूल्यों का सम्मान नहीं होने का अर्थ संविधान का भी सम्मान नहीं होने के बराबर है। ऐसी स्थिति में भारत वैसी प्रगति हासिल नहीं कर सकता जिसकी कल्पना उसके निर्माताओं ने की थी और जाे देशवासियों की सामूहिक इच्छा में दिखाई देती है।

श्रीमती कुमार ने कहा ,“ मैं निर्वाचक मंडल के सभी सम्मानित सदस्यों से अपील करती हैं कि वे इन सिद्धांतों के आधार पर अपना निर्णय लें और आने वाली पीढीयों के लिए इन्हें संजो कर रखें। ”

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