नौ साल पहले 26 नवम्बर 2008 को मुम्बई पर पाकिस्तान से समुद्री मार्ग से आये आतंकियों ने मुम्बई में ताजमहल होटल, ओबेराय ट्रीडेन्ट होटल और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन पर स्वचलित हथियारों से हमला कर दिया था.

इसमें अनेकों भारतीयों के साथ अमेरिकी, इजरायली व अन्य देशों के नागरिक मारे गए और कई पुलिस अधिकारी भी शहीद हो गए. भारत में समुद्री मार्ग से आकर आतंकी हमला करने की देश में पहली घटना थी. इसी में एक आतंकी कसाब जिन्दा पकड़ा गया था जिससे पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आई.एस.आई. में हाफिज सईद के लिप्त होने की बात उजागर हुई थी. कसाब को बाद में फांसी दे दी गई थी.

तभी से भारत इस ओर काफी सचेत और सतर्क हो गया है कि उसे समुद्र तटों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त ध्यान देना होगा. भारत के पूर्व, दक्षिण व पश्चिम में तीनों ओर समुद्री सीमा है. केवल उत्तर में हिमालय पर्वतीय भूमि सीमा है.

भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी, दक्षिण में हिन्द महासागर और पश्चिम में अरब समुद्र है. प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के शासन काल में समुद्र तटीय निगरानी के लिए इंडियन नेवी के कमान्ड तहत कोस्ट गार्ड का गठन किया गया था. इसका मुख्य काम समुद्री मार्ग से नशीले ड्रगों व अवैध व्यापार की रोकथाम करना ही रहा.

लेकिन 26/11 के हमले के बाद समुद्री सीमा की रक्षा के बारे में नजरिया ही बदल गया है और भारत की इतनी विशाल समुद्री सीमा की सुरक्षा हमारा बड़ा दायित्व बन गयी है. अब इस मामले में हमारी विश्व प्रसिद्ध अंतरिक्ष संस्था ‘इसरो’ (इंडियन स्पेस एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन) भी आ जुड़ा है. अब संदिग्ध जहाजों को सेटेलाइट से पकडऩे में मदद के लिए इसरो अपने उपकरण व तकनीकी ज्ञान दे रहा है.

आगामी मार्च 2018 तक इसरो एक हजार ट्रांसपोडर सप्लाई करेगा. 20 मीटर से बड़े बोटों की निगरानी की जायेगी. समुद्री सीमा पर 46 कोस्टल रडार और 74 आटोमेटिक आई.डी. सिस्टम तैनात किये जा रहे हैं. साथ ही समुद्र तटीय सभी मछुआरों की फौरन पहचान हो सके इसके लिए बायोमेट्रिक कार्ड सप्लाई हो रहे हैं.

इसरो अब सेटेलाइट से तस्वीरें भेजकर तटीय और समुद्री सुरक्षा में जुटी एजेंसियों को संदिग्ध जहाजों और बड़ी नौकाओं को पकडऩे में मदद करेगा. पूरी व्यवस्था यह की जा रही है कि समुद्री रास्ते से कोई घुसपैठ न हो सके. 2008 में पाकिस्तान के आतंकी कराची बन्दरगाह से एक जहाज और पोरबन्दर के पास एक बड़ी नौका को ही-जैक करके मुम्बई पहुंचे थे और मुम्बई में गेट-वे-इंडिया के पास से शहर में आए थे.

आटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम से 20 मीटर से बड़ी नावों की निगरानी होगी और इसके साथ-साथ छोटी नौकाओं की भी मोनीटरिंग हो सकेगी.भारत के पूरे समुद्र तटों को इन्टरनेशनल मेरीटाइम बाउंड्री लाइन पर आसानी से निगरानी के लिए तटीय राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश नावों की कलर कोडिंग भी कर रहे हैं.

हाल ही में कराची के पास चीन ने पाकिस्तान के लिए ग्वादर बन्दरगाह बनाया है, जहां उसने जंगी जहाज भी तैनात किए हैं. जो भारत के पश्चिम तट के अरब सागर से वहां आतेे-जाते हैं. इसलिए अब भारत की समुद्री सीमा की सुरक्षा को आधुनिकतम बनाया जा रहा है.

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