delhiनयी दिल्ली,  दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में लागू सम-विषम कार योजना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए आज इस बारे में अपना फैसला 11 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया।

उच्च न्यायालय ने योजना से जुड़ी कई याचिकाओं और दिल्ली सरकार की ओर से दी गई दलीलों पर सुनवाई के बाद इस योजना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से योजना के पक्ष में दिए गए तर्क पर वह अपना फैसला 11 जनवरी को सुनायेगा।

न्यायायल ने दिल्ली सरकार से शुक्रवार तक इस बात पर जवाब माँगा था कि इस योजना को 15 दिन तक जारी रखने की क्या आवश्यकता है, क्या इसे सप्ताह भर में खत्म नहीं किया जा सकता। दिल्ली सरकार का पक्ष रखते हुए उसके वकील हरीश साल्वे ने आज कहा कि सरकार ने यह योजना एक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नहीं की है, बल्कि हालात बेहतर बनाने के लिए इसे लागू किया गया है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। प्रदूषण के आँकड़े इक्ठ्ठा करने के लिए सप्ताह भर का समय पर्याप्त नहीं हैै, इसके लिए कम से कम एक पखवाड़े का समय चाहिये।

दिल्ली सरकार ने यह दलील भी पेश की कि पाँच जनवरी को राजधानी में मुख्य प्रदूषक तत्व माइक्रो पार्टिकल्स का स्तर दिसंबर के 500 की तुलना में घटकर 391 के स्तर पर आ चुका था। यह सम-विषम येाजना के कारण ही संभव हो सका है, वरना शहर की हालत अबतक काफी बिगड़ चुकी होती। सरकार ने यह भी कहा कि अगर योजना के नतीजे उत्साहवर्द्धक रहे तो वह इसे 15 जनवरी से आगे भी जारी रखने पर विचार कर सकती है।

उच्च न्यायालय सम-विषम कार योजना के खिलाफ दायर आठ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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