smritiनयी दिल्ली, अब देश के सरकारी विश्वविद्यालय एवं काॅलेज विदेशी विश्वविद्यालय के साथ एेसा करार कर सकेंगे, जिसके तहत भारत के स्नातक के छात्र विदेशों में दो सेमेस्टर तथा एमए के छात्र एक सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकेंगे । ऐसे छात्रों को भारतीय विश्वविद्यालय की ही डिग्री मिलेगी लेकिन उस पर विदेशी विश्विद्यालय का नाम और चिह्न होगा ।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि आयोग इन करारों के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों और भारतीय विश्वविद्यालयों और काॅलेजों के आवेदन पत्रों की छंटाई करेगा । इस काम के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जायेगी, जो 30 दिन के भीतर आवेदनों की जांच कर देगी और 60 दिन के भीतर करार की प्रक्रिया पूरी कर दी जायेगी । उन्होंने कहा कि नैक द्वारा प्रमाणित उच्च मानदंडों वाले विश्वविद्यालय और काॅलेज ही यह करार कर सकेंगे ।

विदेशी विश्वविद्यालयों का चयन भी उन देशों के उच्च मानदंडों के आधार पर किया जायेगा ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे । उन्होंने बताया कि करार करनेवाले विदेशी विश्वविद्यालयों को सब कुछ अपनी वेबसाइट पर सार्वजानिक करना होगा । उन्होंने कहा कि जो विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ इस तरह के करार का फर्जी विज्ञापन देंगे उनके खिलाफ यूजीसी राज्यों सरकारों को कार्रवाई करने के लिए कहेगा ।

उन्होंने बताया कि ज्ञान नेटवर्क के तहत 600 शिक्षक केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के काम में जुड़ गए हैं और अब कई विदेशी विश्वविद्यालयों के शिक्षक राज्य सरकारों के विश्वविद्यालयों में भी छात्रों को पढ़ाने पर राजी हो गए हैं ।

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