कल से दो दिवसीय हड़ताल,जायज मांगों के निराकरण की कर्मचारी करेंगे मांग

  • वादा नहीं निभाने का आरोप

नवभारत न्यूज भोपाल,

प्रदेश के 6 बडें कर्मचारी संगठन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, मंत्रालय कर्मचारी संघ, त़तीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघुवेतन कर्मचारी संघ, राजस्व कर्मचारी संघ एवं नगरपालिका कर्मचारी संघ के के आव्हान पर प्रदेश के चार लाख अधिकारी कर्मचारी अपनी जायज मांगों की पूर्ति के लिये 12 एवं 13 अप्रेल को दो दिवस का सामूहिक अवकाश लेकर हड्ताल पर जा रहे है जिससे राज्य सचिवालय से लेकर ग्राम सचिवालय तक का कार्य प्रभावित होगा.

मुख्यमंत्री के 2 माह में मांगों की पूर्ति का आश्वासन देने के बाद भी कार्यवाही से प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी खासे नाराज है. कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह सरकार ऐसी है जो अपने वादों से मुकर जाती है.

उन्होने कहा कि अब आश्वासन नही ठोस कार्यवाही चाहियें.कर्मचारी संगठन के सर्वश्री सुधीर नायक, मनोज बाजपेयी, महेन्द्र शर्मा, लक्ष्मीनारायण शर्मा, विजय रघुवंशी, उमाशंकर तिवारी, मेहमूद खान आदि ने बताया कि राजधानी भोपाल सहित पद्रेश के प्रत्येक जिले में कर्मचारी अधिकारियों ने दो दिवस के अवकाश आवेदनपत्र भरकर अपने विभाग प्रमुख को सौंप दिये है.

अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष की रिहाई का ज्ञापन सौंपा

अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंभुचरण दुबे की गिरफ्तारी के बाद उनकी रिहाई के लिए अतिथि शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपा.गरोठ तहसील के अतिथि शिक्षकों ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए दुबे को तत्काल रिहा करने का निवेदन किया है.बताया जा रहा है कि शंभुचरण दुबे को भोपाल में 8 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया था.

अतिथि शिक्षक संघ की ओर से बताया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष शंभू चरण दुबे भोपाल में आशा कार्यकर्ताओं की मीटिंग ले रहे थे, तभी उन्हे बताया गया कि सीएम शिवराज सिंह ने उन्हे मिलने के लिए बुलाया है.

इसके बाद उन्हे पुलिस हिरासत में ले लिया गया.फिर कोर्ट ले जाया गया.अतिथि शिक्षकों का कहना है कि कोर्ट से उन्हे जेल भेज दिया गया है. इसके बाद अतिथि शिक्षकों ने रिहाई के लिए ज्ञापन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.गरोठ के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी इस तरह के ज्ञापन दिए जाने की खबर आ रही है.

इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि शंभुचरण दुबे को किस अपराध में गिरफ्तार किया गया.मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षक नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं.

वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगें शामिल

लिपिक संवर्गो की वेतन विसंगति दूर की जायें, रमेश चन्द्र शर्मा समिति की अनुसंशाये लागू की जाये, अर्जित अवकाश संग्रहण की सीमा 240 दिवस से बढाकर 300 दिवस की जायें, भृत्य एवं जमादार का पदनाम परिवर्तन किया जायें,मंत्रालयीन अनुभाग अधिकारी एवं निज सचिव का वेतन पुनरीक्षण किया जायें,पेंशनरों को सातवे वेतनमान का लाभ दिया जायें, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थाई किया जायें,संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण किया जायें.

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