नई दिल्ली . सरकार ने बोली लगाने में साठगांठ की चर्चा के बीच जिंदल स्टील एण्ड पावर और बाल्को की चार कोयला ब्लॉक के लिये लगाई गई बोली निरस्त कर दी और कहा कि वह विचार विमर्श के बाद ही इन खानों के बारे में कोई अंतिम निर्णय लेगी.

कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, कोयला विभाग इन निरस्त की गई खानों के बारे में अंतिम निर्णय लेगा, इस पर सोच विचार किया जायेगा और उसके बाद निर्णय होगा. कोयला मंत्रालय ने जिंदल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल)और बाल्को की चार ब्लॉक की बोली को खारिज कर दिया. ऐसी चर्चा थी कि इन ब्लॉक के लिये हाल में लगाई गई बोली में साठगांठ की गई. यह पूछे जाने पर कि इन कोयला ब्लॉक की फिर से नीलामी की जायेगी या फिर इन्हें कोल इंडिया को दे दिया जायेगा, गोयल ने कहा विभाग इसके बारे में फैसला करेगा.गोयल यहां इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स के एक कार्यक्रम में अलग से संवाददाताओं से बात कर रहे थे. सरकार हाल में हुई कोयला ब्लॉक की नीलामी में से नौ कोयला ब्लॉक की बोलियों की फिर से जांच कर रही थी. इनमें वे कोयला ब्लॉक भी हैं जिनमें जेएसपीएल और बाल्को सबसे उंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरीं.कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने ट्वीट कर कहा, गारे पाल्मा चार-एक, चार-दो, चार-तीन और तारा कोयला ब्लाकों के लिये बोलियां स्वीकार नहीं की गई. जेएसपीएल इनमें से गारे पाल्मा चार-2, गारे पाल्मा चार-3 और तारा कोयला ब्लॉक के लिये सफल बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी जबकि भारत एल्यूमीनियम कंपनी (बाल्को) ने गारे पाल्मा चार-1 के लिये बोली लगाई.अनिल स्वरूप ने कहा कि चार को छोड़कर अन्य पांच ब्लॉक के लिये बोलियों को स्वीकार कर लिया गया है. इस तरह की रिपोर्ट आई थी कि कुछ बोलीदाता संबंधित खानों के दाम कम रखने के लिये आपस में साठगांठ कर सकते हैं. स्वरूप ने इससे पहले कहा था, कोयला खानों की दूसरी अनुसूची में हम चार कोयला खानों को देख रहे हैं जबकि तीसरी अनुसूची में हम पांच को देख रहे हैं.. प्रथम दृष्टया हमें लगा कि इसका पुनरीक्षण होना चाहिये. इसलिये इसकी फिर से जांच की गई, बस यही बात है.

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