1.75 लाख हज यात्री होंगे प्रभावित, मंत्री नकवी ने की घोषणा

  • अब हवाई मार्ग के साथ समुद्र मार्ग का भी मिलेगा विकल्प
  • 1300 महिलाएं बिना मेहरम जाएंगी हज

नई दिल्ली,

हज यात्रा पर जानेवाले लोगों को इस साल से कोई रियायत नहीं मिलेगी. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को घोषणा की कि हज यात्रा पर दी जाने वाली रियायत इस साल से खत्म हो गई है.

सरकार की ओर से कहा गया है कि यह फैसला तुष्टीकरण के बगैर अल्पसंख्यकों को सशक्त करने के उसके अजेंडे का ही एक हिस्सा है. सरकार के इस फैसले से 1.75 लाख हज यात्री प्रभावित होंगे. गौरतलब है कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में हज सब्सिडी को धीर-धीरे 2022 तक खत्म करने को कहा था.

इसके बाद ही हज सब्सिडी वापस लेने की नीति तैयार की गई. खर्च बढऩे के बाद सरकार अब हवाई मार्ग के साथ यात्रियों को समुद्र मार्ग का भी विकल्प देगी. खास बात यह है कि भारत से करीब 1300 महिलाएं इस बार बिना मेहरम (परिवार का वह पुरुष जिससे शादी संभव नहीं) के हज यात्रा करेंगी.

रियाद ने इस मामले में अपने नियमों में थोड़ी ढील देते हुए 45 साल से अधिक उम्र की कम से कम 4 महिलाओं के समूह को बिना किसी साथी के यात्रा की अनुमति दे दी है.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि हज सब्सिडी के फंड को मुस्लिम लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा उपलब्ध कराने पर खर्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सब्सिडी का फायदा एजेंट्स उठा रहे थे इसलिए हज सब्सिडी बंद कर दी गई है. गरीब मुस्लिमों के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी.

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