salmanनई दिल्ली,   उच्चतम न्यायालय ने 2002 के हिट एंड रन मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के खिलाफ उन आरोपों की सीबीआई से जांच कराने संबंधी याचिका आज खारिज कर दी.

इसमें कहा गया था कि अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए ‘दबंग खान’ ने 25 करोड़ रुपये खर्च किये थे. न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पेशे से वकील मनोहर लाल शर्मा की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि बॉलीवुड अभिनेता और उनके परिजनों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेतुके और तथ्यहीन हैं.

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान न्यायालय श्री शर्मा की दलीलों से संतुष्ट नजर नहीं आया और उसने याचिका खारिज कर दी. शर्मा की दलील थी कि सलमान के पिता सलीम खान ने एक समाचार पत्र को बताया था कि उन्होंने हिट एंड रन मामले में अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किये थे. याचिकाकर्ता की दलील थी कि सलीम खान की यह स्वीकारोक्ति न्यायपालिका का मजाक है और इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने इस तथ्य की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी.

न्यायमूर्ति केहर ने कहा, सलमान के पिता ने यह कहां कहा है कि उन्होंने 25 करोड़ रुपये में न्याय खरीद लिया है. उनका कहना था कि उन्होंने इतनी राशि वकीलों पर खर्च की है. आपके (याचिकाकर्ता के) आरोप निराधार हैं और यह याचिका खारिज की जाती है.

Related Posts: