नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात से ठीक पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाउद्दीन को आतंकवादियों की विशेष रूप से नामित आतंकवादियों की सूची में रखा है.

हिज्बुल मुजाहिदीन इन दिनों कश्मीर में सबसे ताकतवर आतंकवादी संगठन बना हुआ है. इस बीच, भारत ने अमेरिकी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह बताता है कि दोनों देश आतंकवाद के खतरे को एक समान महसूस कर रहे हैं. अमेरिकी सूची के जरिए उन विदेशी व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, जिन्होंने आतंकवादी वारदात को अंजाम दिया हो या जिनसे आतंकवादी खतरा हो.

यह खतरा चाहे अमेरिकी नागरिक को हो या अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या फिर अर्थव्यवस्था को. सलाउद्दीन को इस विशेष सूची में रखे जाने का नतीजा यह होगा कि कोई भी अमेरिकी व्यक्ति सलाउद्दीन से किसी तरह का लेन-देन नहीं कर सकेगा. सलाउद्दीन की कोई भी प्रॉपर्टी जो अमेरिका में होगी वह जब्त हो जाएगी.

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