sehgalनई दिल्ली,   साहित्य अकादमी की पहल के बाद साहित्यकारों व लेखकों ने लौटाए हुए सम्मान वापस लेना शुरू कर दिया है. कलबुर्गी की हत्या और देश में असहनशीलता बताते हुए ये सम्मान लौटाए गए थे.

अकादमी ने 40 लेखकों को लेटर भेजकर बताया था कि वह पुरस्कार वापस नहीं ले सकती. ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए पुरस्कार वापस ले लें. इसके बाद नयनतारा सहगल सहित 11 लेखकों ने अपनी रजामंदी अकादमी को भेज दी. सहगल पुरस्कार लौटाने वाले शुरुआती लेखकों में थीं. पुरस्कार लौटाने वाले साहित्यकार और लेखक अब पुरस्कार ही नहीं, बल्कि लौटाई गई पुरस्कार राशि भी लेने को तैयार हैं.

Related Posts: