pranabनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज एक सहिष्णु,सामंजस्यपूर्ण और शांतिपूर्ण भारत बनाने एवं इसमें प्रत्येक नागरिक को शामिल करने की भावना की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री मुखर्जी ने भारतीय आयुध निर्माण सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुये यहां कहा “सरकारी अधिकारियों,वैज्ञानिकों,शिक्षाविदों और विचारकों को एक ऐसा भारत बनाने का प्रयास करना चाहिये जहां सभी नागरिकों को एक बेहतर जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ,स्वस्थ ,डिजिटल रूप से सशक्त ,शिक्षित ,कुशल ,सहिष्णु और शांतिपूर्ण भारत हो जहां प्रत्येक नागरिक अपने को इस देश का हिस्सा मानता हो। इस संबंध में सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं।

उन्होंने कहा “भारत का भविष्य उज्जवल है और यह अब दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। विश्व भर में आर्थिक मंदी के बावजूद हमने पिछले वित्त वर्ष में सबसे अधिक विकास दर हासिल की। एक सुरक्षित और प्रगतिशील देश बनाने के लिये हमें शिक्षित होना आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय आयुध निर्माण सेवा ने वर्ष 2015-16 में रक्षा मंत्री की ओर से दिये गये लक्ष्य 13500 करोड के बदले में 14132 करोड़ रुपये का व्यापार किया जिससे वह काफी खुश हैं। संगठन की ओर से उन्नत हथियार और गोला बारुद के निर्माण होने से देश की सेना को मजबूती मिल रही है।

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