pranabनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने साक्षरता आन्दोलन को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति से एक व्यक्ति को पढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए आज कहा कि साक्षर भारत कार्यक्रम को जोड़े बगैर स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाना संभव नहीं है ।

श्री मुखर्जी ने यहाँ अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की स्वर्ण जयंती पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह को समबोधित करते हुए यह बात कही । इस अवसर पर उन्होंने साक्षरता के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए छतीसगढ़ को श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार देने के अलावा कई अन्य अधिकारियों,सरपंचों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि उनके करियर की शुरुआत तो एक शिक्षक के रूप में हुई लेकिन सार्वजानिक जीवन की शुरुआत साक्षरता कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुई जब वह कोलकाता में 60 के दशक में साक्षरता आन्दोलन से जुड़े थे । उन्होंने कहा कि साक्षरता आन्दोलन एक निरन्तर चलने अभियान है और सौ प्रतिशत साक्षरता तभी संभव है जब उसमें सबकी भागीदारी हो, गैर सरकारी संगठन तथा नागरिक समाज इससे जुड़े और हर व्यक्ति एक व्यक्ति को पढ़ाये ।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में अभी भी दुनिया के सबसे अधिक निरक्षर लोग हैं । देश की आबादी सवा अरब है, इसलिए साक्षरता अभियान को निरंतर जारी रखने की जरूरत है । उन्होंने वियतनाम का उदाहरण देते हुए महान क्रांतिकारी नेता हो ची मीन के इस कथन का जिक्र किया कि केवल बन्दूक से ही नहीं बल्कि किताबों के माध्यम से भी लड़ने की जरूरत है।

Related Posts: