शियामेन,  प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने आज कहा कि भारत का वैश्विक समुदाय और विशेष तौर पर ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग का मॉडल पूरी तरह उसके साझीदार देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं पर आधारित है।

श्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उभरते बाजार एवं विकासशील देशों के बीच संवाद कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संगठित प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहलों के जरिये एक हरित विश्व के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका को एक डिजिटल और दक्ष विश्व के लिए मिलकर काम करना चाहिए ताकि एक स्वस्थ एवं निष्पक्ष दुनिया का निर्माण हो सके जिसका भविष्य सौहार्दपूर्ण हो। प्रधानमंत्री ने एक सुरक्षित विश्व के निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की दिशा में संगठित एवं समन्वित कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे गरीब व्यक्ति को भी वित्तीय मुख्यधारा में शामिल किये जाने काे सुनिश्चित करके एक ‘समावेशी विश्व’ का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने लैंगिक समानता की वकालत करते हुए कहा कि सभी को एक समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण सह अस्तित्व और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन यापन से संबंधित विचारधाराओं, प्रथाओं और विरासत को बढ़ावा देकर सौहार्दपूर्ण विश्व के निर्माण के की वकालत की।

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