24nn2भोपाल, 24 फरवरी. साक्षर भारत अभियान में पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ गरीब ग्रामीणों के लिये कानूनी साक्षरता एवं वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है.

आज व्यक्ति जीवन में सामाजिक रूप से व्यापक बदलाव चाहता है. साक्षरता से ग्रामीण जनजीवन में रचनात्मक, सामाजिक बदलाव संभव है. साक्षरता के जरिये व्यक्ति अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकता है. हम पूरी आस्था, लगन एवं मेहनत से गरीब ग्रामीणजन के मन में यह भरोसा जगा सकते हैं. उक्त विचार पुष्पेंद्र पाल ङ्क्षसह विभागाध्यक्ष राष्टï्रीय माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल ने साक्षर भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित राष्टï्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि रूप में व्यक्ति किये. यह तीन दिवसीय राष्टï्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला राष्टï्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण भारत सरकार नई दिल्ली एवं राज्य संसाधन केंद्र भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय नेशनल इंस्टीट्ïयूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) भोपाल में आयोजित की जा रही है. इस अवसर पर उद्ïघाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठï रचनाकार एवं एसआरसी भोपाल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य राग तेलंग ने कहा कि वर्तमान युग सूचना-संचार का युग है. सूचनाओं का ज्ञान में परिवर्तित होना सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है.

हमें साक्षरता के जरिये लोगों के निर्णय लेने की क्षमता का बेहतर विकास करना जरूरी है. निर्णय लेने की क्षमता लोगों में नये आत्मविश्वास का संचार करती है. इस अवसर पर राष्टï्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सलाहकार डॉ. कुलदीप कुमार ने कहा कि विशाखापट्टïनम, शिलांग के साथ ही भोपाल में हिन्दी भाषी राज्यों के राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरणों के समन्वयकों के लिये यह राष्टï्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है. इसमें हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर के प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं. इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के बाद सभी राज्यों में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा.

Related Posts: