04nn6भोपाल, 4 मई. मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन के प्रतिष्ठित भवभूति अलंकरण एसवं वागीश्वरी पुरस्कार समारोह का आयोजन इंदिरास गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के वीथि संकुल सभागार में कवि कथाकार फिल्कार उदयप्रकाश की अध्यक्षता, वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद प्रो. रमेश दवे के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ. इस अवसर पर वर्ष 2014 का भवभूति अलंकरण कवि आलोचक डॉ प्रेम शंकर रघवंशी को और वर्ष 2015 का भवभूति अलंकरण आलोचक डॉ विजय बहादुर सिंह को दिया गया. इसके साथ ही वर्ष 2013 के लिए मणि मोहन और श्रीमती इंदिरा दांगी को तथा वर्ष 2014 के लिये अनवर सुहैल अनूपपुर, नीलोत्पल को, रोहित रूसिया, आनंद सिंह भोपाल को बागीश्वरी पुरस्कार दिये गये. डॉ प्रेम शंकर रघवंशी अस्वस्थ होने के कारण समारोह में नहीं आ सके इसलिय उनकी पत्नी श्रीमती विनीता रघुवंशी ने उनके लिये भवभूति अलंकरण ग्रहण किया.

समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. रमेश दवे ने सभी के प्रति शुभकामनाये व्यक्त करते हुये कहा कि नई पीढ़ी के रचनाकार नई भाषाएं नई अभिव्यक्ति और नए तेवर लेकर आते है जिनसे रचनात्मक नयेपन की आश्वस्ति मिलती है. उन्होंने अपने वक्तव्य में सभी रचनाकारों को शुभकामनाये दते हुये कहा कि भारत में जल स्त्रोतों के संरक्षण के प्रति उदासीनता पर उनहोंने गहरी चिंता जाहिर की. समरोह का सफल संचालन वरिष्ठ कथाकार मुकेश वर्मा ने किया.

Related Posts: