sindhuरियो डि जेनेरो,  भारत की शान पीवी सिंधू रियो ओलंपिक के महिला बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतने का अपना सपना तो नहीं पूरा कर पायीं लेकिन उन्होंने रजत पदक जीतकर शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया, सिंधू को फाइनल में दुनिया की नंबर एक स्पेन की कैरोलिना मारिन ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में 19-21, 21-12, 21-15 से हराकर अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत लिया।

21 वर्षीय सिंधू 125 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों के साथ इस मुकाबले में उतरीं और उन्होंने पहला गेम भी जीता लेकिन विश्व चैंपियन मारिन ने शानदार वापसी करते हुये अगले दो गेम जीतकर एक घंटे 19 मिनट में यह मुकाबला समाप्त किया।

सिंधू इस तरह बैडमिंटन में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी और ओलंपिक में पदक जीतने वाली पांचवी भारतीय महिला खिलाड़ी बन गयीं। सायना नेहवाल ने पिछले लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। सिंधू ने इस तरह रियो ओलंपिक में भारत को दूसरा पदक दिलाया।

महिला पहलवान साक्षी मलिक ने इससे पहले कांस्य पदक जीता था। सिंधू इसी के साथ सबसे कम उम्र में पदक जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी भी बन गयीं। सिंधू ने कमाल का खेल दिखाया और अपने जीवन का सबसे रोमांचक और महत्वपूर्ण मुकाबला खेला लेकिन मारिन ने तमाम अनुभव झोंकते हुये सिंधू को स्वर्ण पदक कब्जाने से थाम लिया।

मारिन ने जैसे ही स्वर्ण पदक मुकाबला जीता, वह कोर्ट पर बैठ गयीं और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। सिंधू गजब की खेल भावना दिखाते हुये उनके पास गयीं और उन्हें गले से लगा लिया।

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