simhasth-2016उज्जैन,   मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ के दौरान पिछले दो दिन से चल रहे परी अखाडे की प्रमुख त्रिकाल भवंता के अनशन और गिरफ्तारी के बाद अखिल भारतीय अखाडा परिषद् ने बिना परिषद् की अनुमति के होने वाले प्रदर्शनों पर पुलिस को सीधे कार्रवाई करने को कहा है।

कल परिषद् से जुडे 13 अखाडाें और पुलिस की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में पिछले शाही स्नाान के दौरान फैली अव्यवस्थाओं के मद्देनजर यह भी फैसला हुआ कि अगले शाही स्नान में परिषद् भी व्यवस्थाएं देखेगी। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी सदस्यों ने 22 अप्रैल को हुए पहले शाही स्नान और उस दौरान फैली अव्यवस्थाओं पर काफी देर तक विचार मंथन किया।

बैठक में निर्णय हुआ कि नौ मई को होने वाले शाही स्नान के पूर्व परिषद् अधिकारियों के साथ सभी व्यवस्थाओं का अवलोकन करेगी।

सूत्रों के मुताबिक हरिगिरी महाराज ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि यदि 22 अप्रैल जैसी व्यवस्थाओं की पुनरावृत्ति हुई तो अखाड़ा परिषद कड़ा निर्णय लेगी।

महिलाओं के अखाडे परी अखाडे की प्रमुख त्रिकाल भवंता ने अपने अखाडे की उपेक्षा और अव्यवस्थाओं के चलते मंगलवार को जीवित समाधि लेने की कोशिश की थी। कल फिर उन्होंने ये कोशिश दोहराई, जिसके बाद उन्हें पहले हिरासत में लिया गया, बाद में रात को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। परी अखाडे को अखाडा परिषद् ने मान्यता नहीं दी है।

Related Posts:

गरीबों से मजाक पर प्रदेश में भी आक्रोश
करोड़पति क्लर्क धुलधोए निलंबित
इंदौर में शंघाई फिल्म के विरोध में पुतला फूंका
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मनाया मध्यप्रदेश दिवस
मध्यप्रदेश में प्री मानसून की बारिश से पारा गिरा, भोपाल में भी बारिश
आतंकियों की संभावित घुसपैठ के मद्देनजर महोबा से सटी मध्य प्रदेश की सीमा पर बढी च...