ujjain4उज्जैन,  मध्यप्रदेश के उज्जैन में सदी के दूसरे सिंहस्थ के आज बुद्ध पूर्णिमा पर हो रहे अंतिम शाही स्नान के मौके पर रिकॉर्डतोड तापमान के बावजूद आस्था हर ओर मुस्कुराती दिखाई दी।

कल रात से शुरू हुए शाही स्नान के मौके पर अब तक लाखों लोग मोक्ष की कामना से क्षिप्रा नदी के जल से खुद को पवित्र कर चुके हैं। आकर्षक विद्युत सज्जा से सजे घाट हर पल देश-विदेश से अाए हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के साक्षी बन रहे हैं।

शाही स्नान की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब क्षिप्रा तट पर स्नान के लिए उमड़ पड़ा। रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, नृसिंह घाट, सुनहरी घाट, वाल्मीकि घाट, भूखी माता घाट और लालपुल, गऊघाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने मध्य रात्रि से ही स्नान करना शुरु कर दिया था।

आज लाखों लोगों के आगमन की संभावनाओं के मद्देनजर प्रशासनिक अमला भी पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ था। कल शाम से ही पुराने शहर के आधे हिस्सों में बेरिकेटिंग कर आना-जाना प्रतिबंधित कर दिया गया था। अखाडों के स्नान के लिये रामघाट एवं दत्त अखाडों को जोडने वालें मार्ग पर कडी सुरक्षा प्रबंध किये।

इन दोनों घाटों पर विभिन्न अखाडो के साधु संतो के स्नान के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिये इन्हें खोला जाता है। इस परंपरा के चलते मध्यरात्रि से ही श्रद्धालु इन दोनों घाटों पर स्नान के लिये सडकों पर सोते दिखाई दिए। रात 12 बजे दोनों घाट साधु संतों के स्नान के लिए खाली कराना शुरू कर दिए गए। इसके बाद आधुनिक मशीनों, चलित पंपों के द्वारा घाटों की धुलाई की गई। इस दौरान अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं का स्नान चलता रहा।

Related Posts: