Ujjain1उज्जैन,  मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान आज शाम आंधी और तेज बारिश के कारण अनेक पंडाल धराशायी होने और बिजली गिरने के कारण तीन महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गयी। तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मेला क्षेत्र के मंगलनाथ और चिंतामन क्षेत्र में पंंडाल गिरने के कारण छह लोगों की मौत हुयी है। इसके अलावा शहर के चिमनगंज थाना क्षेत्र में पंचक्रोशी यात्रा में शामिल साठ वर्षीय महिला बूतीबाई की मौत बिजली गिरने के कारण हुयी।

वह पडोसी इंदौर जिले के डिराडा गांव की निवासी बतायी गयी है। घायलों को यहां जिला अस्पताल के अलावा दो अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। छह मृतकों में तीन महिलाएं, एक साधु और दो पुरूष शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि एक महिला अगदा बाई की मौत चिंतामन मेला क्षेत्र में पंडाल गिरने के कारण हुयी। वह धार जिले के नवासोटकोना गांव की निवासी बतायी गयी है। इसके अलावा साधु की पहचान प्रहलाद भागीरथ (60) के रूप में हुयी।

वह पडोसी देवास जिले के अमरपुरा क्षेत्र के निवासी थे। एक अन्य पुरूष की पहचान नहीं हो पायी है। इन दोनों की मौत मंगलनाथ मेला क्षेत्र में पंडाल गिरने के कारण हुयी। सूत्रों ने बताया कि एक महिला साठ वर्षीय रूमाल कौल की मौत भी मंगलनाथ क्षेत्र में पंडाल गिरने के कारण हुयी। वह हरियाणा के फरीदाबाद क्षेत्र की निवासी है। एक अन्य पुरूष पचपन वर्षीय बगदीराम धार जिले के कसौरा क्षेत्र का निवासी है।

यह भी मंगलनाथ क्षेत्र में पंडाल गिरने की घटना का शिकार हुआ। इस घटना में होमगार्ड के एक जवान गोविंदा की भी पंडाल गिरने से मौत हो गई। वह विदिशा का निवासी था। प्रदेश के परिवहन मंत्री और सिंहस्थ के प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने घटना में सात लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है। वे घायलों का हालचाल जानने के लिए तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन, अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला भी अस्पताल पहुंच गया था।

कलेक्टर कवींद्र कियावत ने बताया कि घायलों में चार लोगों को ज्यादा चोट पहुंची है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। इन सभी को मामूली चोट पहुंची है। उन्होंने बताया कि बारिश थमने के साथ ही प्रशासनिक अमला व्यवस्थाएं दुरूस्त बनाने में जुट गया। उन्होंने शहर के नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वह बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की यथासंभव मदद करें और उन्हें आवास तथा खानपान अादि के लिए परेशान नहीं होने दिया जाए।

इसके पहले उज्जैन में शाम होते होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गयी थी। लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश और तेज हवाओं के कारण कई हेक्टेयर क्षेत्र में फैले मेला क्षेत्र में अनेक स्थानों पर पंडाल गिर गए। कुछ स्थानों पर पेड आदि भी गिरने की सूचनाएं हैं। आंधी और बारिश से सबसे अधिक मंगलनाथ क्षेत्र प्रभावित रहा। हालाकि चिंतामन क्षेत्र में भी कुछ तंबू और पंडाल गिर गए। मेला क्षेत्र में बारिश के कारण अनेक स्थानों पर कीचड, वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड के कारण अव्यवस्था का माहौल बन गया। हालाकि प्रशासन भी तत्काल हरकत में आया और एंबूलेंस तथा अन्य वाहनों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एक घंटे के दौरान लगभग दो सेंटीमीटर बारिश हुयी। हवाओं की रफ्तार भी काफी अधिक थी। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी और बारिश के कारण जो टेंट गिर गए हैं, उन्हें फिर से खड़ा करने का काम शुरू किया जा रहा है। रात भर काम चलेगा और कल सुबह पूरी व्यवस्था ठीक कर दी जाएगी। क्षिप्रा नदी के तट पर भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ प्रत्येक बारह वर्ष में आयोजित किया जाता है। इस बार इसकी शुरूआत 22 अप्रैल को पहले शाही स्नान के साथ हुयी।

इक्कीस मई तक चलने वाले इस धार्मिक समागम में दो अन्य शाही स्नान क्रमश: 9 मई और 21 मई को होंगे। राज्य सरकार ने सिंहस्थ के दौरान देश विदेश के पांच करोड लोगों के आने की संभावना के आधार पर विभिन्न तैयारियां काफी महीनों पहले शुरू कर दी थीं। सरकार ने लगभग साढे तीन हजार करोड रूपयों के विभिन्न निर्माण कार्य सिंहस्थ के आयोजन के मद्देनजर कराए हैं। इनमें क्षिप्रा के तट पर विभिन्न घाटों का निर्माण और उपनगर बसाने की योजना भी शामिल है।

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