ujjainउज्जैन,  गुरुवार को आसमान से बारिश के रूप कहर बरसा. सिंहस्थ क्षेत्र तहस-नहस हो गया. सात लोगों की मौत और हादसे में 100 से अधिक लोगों कं घायल होने के बाद मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है.

बारिश का माहौल शाम चार बजे अचानक बना. तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और ओले भी गिरे. करीब एक घंटे तक चली तेज बारिश से पूरा शहर तर-बतर हो गया। वहीं बारिश ने मेला क्षेत्र को तहस-नहस कर दिया.

वैष्णो देवी गुफा में चार मरे
मंगलनाथ क्षेत्र में मंदाकिनी देवी द्वारा बनवाई वैष्णो देवी गुफा तेज हवा के कारण ढह गई. बांस और पटिए से बनी करीब तीन मंजिला गुफा के अंदर उस वक्त काफी संख्या में दर्शनार्थी मौजूद थे. गुफा धंसने की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो यहां से चार लोग मृत मिले.

मृतकों में प्रहलाद गुरु पिता भागीरथ निवासी देवास, रूमल कौर फरीदाबाद, बगदीराम पिता पूनमचंद 55 वर्ष निवासी ग्राम कनौरा जिला धार व एक मृतक की शिनाख्त नहीं हुई है. यहां काफी संख्या में लोग घायल भी मिले.

बिजली और पंडाल गिरने से दो मृत
बारिश के दौरान बिजली गिरने से उंडासा में धापू बाई पति रामेश्वर 55 साल निवासी महू की मौत हो गई. धापू बाई पंचक्रोशी यात्रा पर निकली थी. इसी तरह चिंतामण गणेश मंदिर के नजदीक पांडाल गिरने से अंबाबाई पति गंगाराम की मौत हो गई.

ड्यूटी दे रही आरक्षक को अटैक
तेज बारिश के कारण मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना. भगदड़ की स्थिति देख कालिदास उद्यान में ड्यूटी दे रही पुलिसकर्मी पूजासिंह बघेल को हार्टअटैक आ गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.इधर रात को आगर रोड स्थित सेटेलाइट टाउन पर भी एक जवान की मौत का पता चला है।

सौ से अधिक भर्ती
तेज हवा के कारण पांडाल उडऩे से सिंहस्थ मेला क्षेत्र में करीब सौ से अधिक लोग घायल हो गये . सभी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. बताया जाता है जिला अस्पताल में करीब 40, भूखी माता रोड पर प्रखर अस्पताल में 15, मंगलनाथ क्षेत्र स्वास्थ्य कैंप में 30, दत्त अखाड़ा स्वास्थ्य कैंप में 10 का इलाज चल रहा है वहीं कई लोगों को मामूली चोट आई. इस कारण अस्पताल नहीं ले जाया गया.

प्रमुख पंडालों में ज्यादा नुकसान
स्वामी अवधेशानंद गिरी, पायलट बाबा, कनकेश्वरी देवी, ब्रह्माकुमारी, विद्याधाम, मंगलनाथ स्थित इस्कान पंडाल का गेट, पहाड़ी बाबा पंडाल, वल्लभाचार्य नगर, छह सौ से अधिक खालसों के पांडाल को हवा, बारिश व आंधी ने भारी क्षति पहुंचाई है। दत्त अखाड़ा जोन, भूखीमाता जोन, उजरखेड़ा जोन, रंजीत हनुमान जोन में लगभग हर पांडाल का टेंट-तंबू उखड़ा.

जहां भजन-कीर्तन वहां पसरा कीचड़
अब तक जहां सिंहस्थ क्षेत्र पंडालों में भजन-कीर्तन होते थे वहां अब बारिश के बाद कीचड़ पसरा पड़ा है। पंडाल के सेवादार इसी कीचड़ व मलबे से आवश्यक सामग्रियां हटाते नजर आये।

पावन शिप्रा में गंदे नाले
प्रशासन सिंहस्थ के दौरान जिस शिप्रा के जल को नर्मदा के पानी से पावन बनाने की कवायद कर रहा था। उसमें बारिश के कारण उफने नाले जा मिले। छोटी रपट के समीप ही दानीगेट और रामानुजकोट के सामने रुद्रसागर के नाले की अंडरग्राउंड लाईन जा उफनी। सीधा पानी रामघाट पर जा मिला। देखते ही देखते पावन शिप्रा में भारी मात्रा में कूड़ा करकट, गंदगी, डिस्पोजल आदि तैरने लगे।

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