नयी दिल्ली,

विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारामैया के राज्य में सरकार बनाने को लेकर चल रहे घटनाक्रम के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लगाये गये आरोपों की कड़ी भर्त्सना करते हुए इन्हें बेबुनियाद एवं शर्मनाक करार दिया और कहा है कि उन्हें राज्य के जनादेश को समझना चाहिए।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी देने के लिए आज यहां बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में श्री प्रसाद ने पत्रकारों के इस बारे में सवाल पूछने से पहले ही कहा कि कर्नाटक के बारे में वह सवालों का जवाब नहीं देंगे क्योंकि महामहिम राज्यपाल को अपने विवेक से फैसला लेना है।

उन्होंने कहा कि वह अपनी ओर से केवल यही बात कहेंगे कि उन्होंने श्री सिद्धारामैया की मीडिया में आयी उस टिप्पणी को देखा है जिसमें उन्होंने देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर बेबुनियाद एवं शर्मनाक आरोप लगाये हैं। इसकी वह कठोर भर्त्सना करते हैं।

श्री प्रसाद ने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री के भाषण को देखा और सुना है। प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की जनता का आभार व्यक्त किया था और कहा था कि भारत सरकार कर्नाटक के विकास में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे श्री सिद्धारामैया उन पर ऐसे आरोप लगाएं। ये शर्मनाक और गैर जिम्मेदाराना आरोप हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टियां कुछ भी फैसला करें, यह उनका अधिकार है। कर्नाटक में कोई ‘रूटीन’ चुनाव नहीं बल्कि पांच साल बाद चुनाव हुआ है। श्री सिद्धारामैया को जनादेश की छवि को भी देखना चाहिए।

मुख्यमंत्री दो सीटों से चुनाव लड़े जिसमें से पुरानी सीट पर 30 हजार वोटों से हार गये और दूसरी सीट पर मात्र 1700 वोट से जीते हैं। उनके 16 कैबिनेट मंत्री चुनाव हार गये हैं। चुनाव में दिये गये जनादेश का यही स्वरूप है। उन्होंने कहा कि वह इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहेंगे।श्री प्रसाद ने कर्नाटक में सरकार के गठन को लेकर पूछे गये सवालों के जवाब देने से इन्कार कर दिया।