पुलिस अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की मांग

भोपाल,

मुख्यमंत्री निवास के बाहर मुख्यमंत्री से मिलने की जिद कर रहीं महिलाओं की जानकारी मिलते ही आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया.

दोनों महिलाएं एक साथ करीब साढ़े सात बजे सीएम हाउस पर पहुंची और अंदर जाने की जिद करने लगीं. जानकारी सामने आते ही क्राइम ब्रांच की रश्मि मिश्रा व एएसपी राजेश सिंह भदौरिया मौके पर पहुंच गए, और इन्हें काफी मनाया, लेकिन महिलाएं मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़ी थीं. उनका कहना था कि अधिकारियों को जानबूझकर बचाया जा रहा है. देर रात तक पीडि़ताए वहां पर डटीं रहीं.

गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एएसपी राजेंद्र वर्मा पर एक महिला पुलिसकर्मी ने उत्पीडऩ के आरोप लगाए थे. इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसके बाद जहांगीराबाद थाने में एएसपी राजेंद्र वर्मा के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन उन्हें थाने से ही जमानत मिल गई थीं,

वहीं इंदौर में सीआईडी में पदस्थ पवन मिश्रा पर एक महिला ने आरोप लगाए हैं कि जब वे हबीबगंज थाने में टीआई थे तब से वे फरियादिया के साथ शारीरिक संबंध बनाते आ रहे हैं. महिला को एक बेटा भी है, जिसकी मार्कशीट में पवन मिश्रा का नाम पिता के रूप में दर्ज है.

मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन वे नहीं मानीं. एएसपी राजेंद्र वर्मा को लेकर पीडि़ता का कहना था कि जब मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी हो चुकी है तो फिर इनके विरूद्व विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

वहीं 12 साल तक लिव इन रिलेशन में रही महिला का कहना है कि आखिर पुलिस गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है. देर रात तक दोनों पीडि़ताएं सीएम हाउस के बाहर डटीं हुई थीं. माना जा रहा है कि आज कल में दोनों अधिकारियों पर निलंबन व विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू हो सकती है.

मामला सुर्खियों में आने के बाद डीएसपी पवन मिश्रा के विरूद्ध शाहपुरा थाने में मामला दर्ज किया गया है, लेकिन डीएसपी पवन मिश्रा को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. दोनों फरियादियों के एक साथ सीएम हाउस पहुंचने से हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई.

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