आज फिर होगी बातचीत

नई दिल्ली,

पिछले हफ्ते शुक्रवार को देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर आरोप लगाने वाले और मीडिया में बयान देने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के साथ चार दिन बाद मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश ने बैठक की और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की मगर कोई समाधान नहीं निकल सका.

जस्टिस मिश्रा और बाकी सीनियर जजों के बीच यह मुलाकात लगभग 15 मिनट तक चली. इन पांचों जजों की बातचीत बुधवार को भी होगी. बैठक सीजेआई दीपक मिश्रा ने ही बुलाई थी ताकि चारों वरिष्ठ जजों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा हो सके और उसका निराकरण किया जा सके मगर ऐसा नहीं हो सका.

विवाद अभी नहीं सुलझा

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों और चीफ जस्टिस के बीच का विवाद फिलहाल सुलझते नहीं दिख रहा है. अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि फिलहाल जजों के बीच का विवाद समाप्त नहीं हुआ है.
– अटॉर्नी जनरल

जजों के बीच हुई तीखी बातचीत

प्रेस के पास जाकर आपने कहा कि महत्वपूर्ण केसों को सुनवाई के लिए जूनियर बेंच के पास भेजा जाता है. ऐसा कहकर आप क्या यह साबित करना चाहते हैं कि बड़े केस जिनकी देश में काफी चर्चा हो, उसे सुनने की योग्यता सिर्फ वरिष्ठ जजों के पास है और हम जूनियर बेंच ऐसे केसों पर सही फैसला नहीं दे सकते.
-एक जूनियर जज

खाप पंचायतें कौन होती हैं फैसला देने वाली?

एक वयस्क लडक़ा या लडक़ी अपनी मर्जी से किसी से भी शादी कर सकते हैं. किसी खाप पंचायत, अभिभावक, समाज में किसी और को इस पर सवाल उठाने का हक नहीं है. कोर्ट ने कहा कि खाप पंचायत न तो किसी कपल को समन भेज सकती है और न ही दंड दे सकती है.
-दीपक मिश्रा, सीजेआई

जजों को संविधान पीठ में नहीं मिली जगह

इस बीच, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सात अहम मुद्दों पर सुनवाई के लिए पांच जजों की संविधान पीठ बनाई गई लेकिन उस पीठ में खफा चारों जजों में से किसी को भी शामिल नहीं किया गया है, जबकि ये चारों जज न केवल सीनियर हैं बल्कि कॉलेजियम के भी सदस्य हैं.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार पांच न्यायाधीशों की पीठ में सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं.

 

Related Posts: