5 btl 1विधायक खण्डेलवाल ने शिकायतकर्ता के साथ सीधे तहसील कार्यालय जाकर एसडीएम एवं तहसीलदार के सामने पूछताछ की। बयान करवाये और एसडीएम से सीधे सवाल किया कि कितने दिनों में सीमाकंन हो जाएगा और कितने दिनों में मैं रिश्वत के नौ हजार रुपए वापस लेने आऊं? जिसके बाद एसडीएम एवं तहसीलदार ने चुप्पी साध ली। शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्प लाईन में भी शिकायत की लेकिन मामले की सुनवाई नहीं हुई।

बैतूल 5 मई नससे. तहसील कार्यालय बैतूल में चल रहे भ्रष्टाचार से शहर से लेकर दूरस्थ अंचल से लेकर शहर के किसान एवं आम नागरिक परेशान है। बिना रिश्वत दिए तहसील में नकल, खसरा, किसबंदी की प्रतिलिपी तक मिलना मुश्किल है।

आज एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर तहसील में नाटकीय घटनाक्रम देखने मिला जिसके बाद तहसीलदार एवं एसडीएम दोनों की बोलती बंद है। मौका था शिकायतकर्ता के साथ विधायक हेमंत खण्डेलवाल के तहसील कार्यालय पहुंचने का। शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट परिसर में विधायक हेमंत खण्डेलवाल से जब कहा कि विधायकजी मैंने रिश्वत दे दी है 9 हजार रुपए की लेकिन फिर भी सीमांकन नहीं हुआ। आप कृपया सीमाकंन करवा दीजिए।

तहसील से इस तरह के भ्रष्टाचार के सामने आते ही विधायक खण्डेलवाल ने शिकायतकर्ता के साथ सीधे तहसील कार्यालय जाकर एसडीएम एवं तहसीलदार के सामने पूछताछ की। बयान करवाये और एसडीएम से सीधे सवाल किया कि कितने दिनों में सीमाकंन हो जाएगा और कितने दिनों में मैं रिश्वत के नौ हजार रुपए वापस लेने आऊं? शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्प लाईन में भी शिकायत की लेकिन मामले की सुनवाई नहीं हुई।

यह है घटनाक्रम – हमलापुर निवासी हंसराज, ममराज पिता कामजीलाल यादव मंगलवार 5 मई को दोपहर 1 बजे पटवारी संजय मोरे एवं आरआई एके चौरिया द्वारा सीमाकंन के लिए 9 हजार रुपए रिश्वत लेने के बावजूद भी कार्रवाई न करने की शिकायत लेकर पहुंचा। जहां विधायक हेमंत खण्डेलवाल के मिलने पर हंसराज ने विधायक से पूरा वाकया कहा कि हम दोनों भाई हंसराज एवं ममराज यादव दोनों की जमीन खसरा नंबर 85/1, 85/7 हलका नंबर 53 व 49 में स्थित है। इस जमीन के सीमांकन के लिए उसके द्वारा तहसील कार्यालय में अगस्त में विधिवत आवेदन एवं चालान से पैसे जमा किए।

सीमांकन के लिए उनके द्वारा पटवारी को 9 हजार रुपए रिश्वत भी दी गई है। लेकिन आज तक विभागीय कार्रवाई नहीं हुई। विधायक खण्डेलवाल से जब किसान ने कहा कि हमने रिश्वत तो दे दी है आप सीमांकन करवा दीजिए तब विधायक हंसराज के साथ सीधे तहसील कार्यालय पहुंचे। पटवारी को दी गई रिश्वत में पटवारी संजय मोरे एवं आरआई एके चौरिया के साढ़े चार-साढ़े चार हजार रुपए की हिस्सेदारी है।

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