nitish_kumarपटना. दो दिनों से भूकंप का मुख्य केंद्र रहे नेपाल में भारी तबाही हुई है. केंद्र सरकार जहां नेपाल को हर संभव मदद कर रही है, वहीं बिहार सरकार ने भी नेपाल के पड़ोसी होने के नाते मदद करने का निर्णय लिया है. सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बॉर्डर के अस्पतालों में मेडिकल टीम तैनात की गयी है.

नेपाल के प्रभावित इलाकों में 15,000 फूड पैकेट भी वितरण किये जायेंगे. केंद्र की मदद सीधे नेपाल की राजधानी काठमांडू जा रही है. भूकंप की त्रसदी पूरे नेपाल में आयी है. इसलिए बिहार अपने सीमावर्ती इलाके से नेपाल को मदद करेगा. सीएम ने कहा कि नेपाल से सटे जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में डॉक्टर समेत मेडिकल टीम तैनात रहेगी. इसमें नेपाल के रहने वाले लोग भी आ कर नि:शुल्क इलाज करा सकेंगे. अगर घायलों को रेफर करने की जरूरत होगी, तो वहां एंबुलेंस तैनात रहेंगे और रेफरल अस्पताल में भी इलाज हो सकेगा.
बिहार के जो लोग वहां फंसे हैं उन्हें लाया जायेगा. बसों में दो-दो स्टाफ समेत अधिकारी साथ होंगे. इसके लिए केंद्र सरकार से हेलीकॉप्टर के जरिये रेकी करने की अपील की गयी है, जिसके बाद सड़क की रेकी शुरू हो गयी है. बिहार सरकार नेपाल के बॉर्डर पूर्वी चंपारण के रक्सौल, मधुबनी के जयनगर व जोगबनी और सीतामढ़ी के बैरगिनिया में बेस कैंप बना रही है. यहां नेपाल से बिहार, दूसरे राज्य या फिर नेपाल के लोगों को लाया जायेगा. साथ ही वे जहां के होंगे उन्हें वहां तक पहुंचाया जायेगा. इसके लिए नेपाल के बोर्डर जिलों के जिलाधिकारी नेपाल के डीएम से लगातार संपर्क में हैं.

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