इस समय अरब राष्टï्र सीरिया में छद्म रूप मेें कई युद्ध चल रहे है और वहां लोग देश छोड़कर यूरोपीय देशों में शरणार्थी के रूप में जबरदस्ती घुसते जा रहे है. यूरोपीय देशों में इतनी संख्या में लोगों का भागने का संकट पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आया है.

इस समय सीरिया में तीन युद्ध एक साथ चल रहे है. सबसे पहले वहां राष्टï्रपति असद के खिलाफ आंतरिक विद्रोहियों ने युद्ध छेड़ा और उन पर पद छोड़ देने के लिये दबाव बनाया. लेकिन यह भी साफ जाहिर हो रहा था कि विद्रोही अल्पमत में है और देश की जनता राष्टï्रपति असद के साथ है. लेकिन अमेरिका के नेतृत्व में नाटो संधि के सभी यूरोपीय देश असद से सत्ता छोड़ देने का दबाव बनाये हुए है. इसके लिये उन्होंने असद विद्रोहियों को फौजी ट्रेनिंग व हथियारों से मदद भी करते रहे. इसी बीच वहां बगदादी के इस्लामी स्टेट के आतंकियों ने भी युद्ध छेड़ दिया. उनका उद्देश्य असद के पक्ष या विपक्ष में नहीं था. वह केवल सीरिया सुन्नी मुसलमान आबादी के इलाकों में अपने कब्जे लेना चाहते है. इसी के साथ इसी उद्देश्य से इराक की सुन्नी इलाकों में अपने कब्जे के लिये युद्ध कर रहे है. उनका इरादा यही है कि इराक व सीरिया के सुन्नी मुसलमान इलाकों को मिलाकर एक नया इस्लामी स्टेट बनाना है. राष्टï्रपति असद के सामने अपने राष्टï्र को एक रूप में बनाये रखने की समस्या पैदा हो गयी. साथ ही अमेरिका भी इस्लामी स्टेट के मंसूबे के विरुद्ध है. वह इराक का पक्षधर है. लेकिन सीरिया में उसने इस्लामी स्टेट पर हमले की आड़ में असद सरकार को हटाने के लिये असद विद्रोहियों की मदद कर रहा है. और कहता यह है कि इस्लामी आतंकियों के खिलाफ ही हवाई बमबारी कर रहा है.

रूस के राष्टï्रपति श्री पुतिन सीरिया के राष्टï्रपति श्री असद के पद पर बने रहने के समर्थक हैं. जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि अमेरिका नाम तो इस्लामी स्टेट के खिलाफ कार्यवाही का ले रहा है और वास्तव में असद विरोधियों की इस बहाने फौजी मदद कर रहा है तो उसने भी यह कहा कि वह इस्लामी स्टेट के विरुद्ध कार्यवाही कर रहा है पर वास्तव में उसने असद विरोधियों पर इस आड़ में हमले कर दिये. अमेरिका के सामने यह संकट आ गया है कि वह सीरिया में अपनी फौजी कार्यवाही को क्या कहे. अब सीरिया में युद्ध इस्लामी स्टेट पर हमले की आड़ में राष्टï्रपति असद के पक्ष-विपक्ष में अमेरिका व रूस के बीच हो गया है. साथ ही इस्लामी स्टेट के आतंकी सुन्नियों के अलावा अन्य सभी मुसलमानों शिया, कुर्द, रजदी के विरुद्ध बर्बर हमले कर रहे हैं. औरतों पर भी ये लोग बहुत जुल्म कर रहे हैं.

इस तरह के तीन चार प्रकार के युद्ध इतिहास में अन्य किसी राष्टï्र में अब तक नहीं हुए हैं. सीरिया की पूरी आबादी चारों तरफ से अजीब किस्म के युद्ध व मारकाट में फंस गयी है और पूरी आबादी ही देश छोड़कर भाग रही है. इस देश के सामने यूरोप के पूर्वी देश ग्रीस, अलबानिया, हंगरी व मेसोडोनिया आ गये. ये सब वहां घुस पड़े. ये छोटे देश शरणार्थी का आर्थिक भार नहीं उठा सकते. ये वहां से खदेड़ दिये और फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन में जा बसे. इन देशों ने कुछ को ले लिया बाकी सबके सब को लेने के लिए तैयार नहीं है. सीरिया वह राष्टï्र है जहां अनेकों युद्ध एक साथ चल रहे हैं और पूरी आबादी देश छोड़कर भाग रही है.

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