pranabअम्मान,  भारत ने कहा कि सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संगठित वैश्विक प्रयास की जरूरत है. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि की बात दोहराई है. साथ ही 14 लाख सीरियाई शरणार्थियों को पनाह देने के लिए जार्डन की तारीफ की है.

भारत और जार्डन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर पर अलग-अलग बातचीत में ये बातें सामने आईं. बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया. जार्डन पक्ष का नेतृत्व वहां के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अनसूर और विदेश मंत्री नसीर एस जूदेह ने किया. बातचीत में सीरिया के मसले पर और वहां हजारों लोगों के मारे जाने पर गंभीर चिंता जताई गई. सीरिया में रूस की सैन्य कार्रवाई पर वाधवा ने कहा कि रूस प्राथमिक रूप से यही चाहता है कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट की बढ़त को रोका जा सके.

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