दमिश्क, 20 मार्च. सीरिया के सदियों पुरानी मरूउद्यान पामीरा के विभिन्न कब्रिस्तानों से लूटी गयीं सैकडों प्राचीन धरोहरों में से 120 प्राचीन वस्तुएं वापस लायी गयी हैँ जिससे यहां के संग्रहालय में एक अलग उत्साह बना हुआ है.
सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद समर्थक सेना और विद्रोहियों के बीच पिछले चार साल से जारी हिंसक संघर्ष और अब कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस)के बढते दबदबे के कारण यहां की ऐतिहासिक धरोहरों को गहरी क्षति उठानी पड रही है. ऐसा ही कुछ पामीरा मरूउद्यान में भी हुआ. लुटेरों ने मकबरों और रोमन मंदिरों में तोडफोड मचाते हुए लूटपाट की. सीरिया सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध है और यूनेस्कों की छह ऐतिहासिक विरासते हैँ.

पामीरा और क्रुसेडर क्रैक दे शैवेलिए के महल सहित चार धरोहरों का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है. उपग्रह से मिली तस्वीरों के अनुसार सीरिया में लगभग 290 सांस्कृतिक विरासतें पिछले चार साल में क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. इसी वजह से सीरिया के सभी संग्रहालयों का दो साल पहले खाली करके वहां रखे सामानों को स्टोर में रख दिया गया लेकिन मकबरों पर खतरा उतना ही मंडरा रहा है. लुटेरे इन्हीं कब्रों तथा मकबरों को अपना निशाना बनाते हैं. पुरात्तव महत्व वाली जगहों से गायब सामग्रियों की एक सूची बनाकर उसे इंटरपोल केा सौंप दिया गया है.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इन्हीं कारणों से युद्धरत क्षेत्रों के पुरात्तव महत्व वाली चाजों की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है.

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