russiaसीरिया से अपनी सेनाओं की वापसी की रूस की घोषणा के बाद रूसी लड़ाकू विमानों एसयू-34 की पहली खेप आज स्वदेश पहुंच गई.

संवाद समिति रिया नोवोस्ती के अनुसार स्वदेश लौटी इस खेप में लड़ाकू विमान एसयू-34 के अलावा टीयूू-154 मालवाहक विमान भी शामिल हैं. सीरिया से पहला विमान जैसे ही मास्को पहुंचा संयुक्त राष्ट्र के सीरिया संबंधी प्रतिनिधि स्टीफन डी मिस्तूरा ने इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया और कहा कि राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के इस कदम से सीरिया की समस्या के हल और वहां शांतिपूर्ण ढ़ंग से राजनीतिक परिवर्तन लाने में मदद मिलेगी.

रूस सशस्त्र सैन्य बल के मुख्य भाग की सीरिया से वापसी की राष्ट्रपति पुतिन की घोषणा से राष्ट्रपति असद के विरोधियों ने यह अनुमान लगाना शुरू कर दिया है कि हो सकता है कि मॉस्को दमिश्क पर राजनीतिक समझौते के लिए दबाव बना रहा हो, यद्धपि दमिश्क की सरकार ने रूस के साथ अपने किसी भी प्रकार के मतभेद से इंकार
किया है.

उसका कहना है कि रूस ने यह फैसला उसकी राय से किया है. इस बीच रूस तथा अमेरिका के कूटनीतिक प्रयास तथा अल्पकालिक युद्धविराम के बाद अब सीरिया संबंधी शांतिवार्ता जेनेवा में शुरू हो गयी है जिसका उद्देश्य पांच वर्ष के गृहयुद्ध को समाप्त कराना है. यहांं अब तक ढ़ाई लाख लोग मारे जा चुके हैं तथा लाखों शरणार्थी बन गये हैं. शरणार्थियों के संकट के चलते ही इस्लामिक स्टेट को बढऩे का मौका मिला है.