भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रम्होस का सफल युद्ध परीक्षण कर यह क्षमता प्राप्त कर ली है कि अब वह जल और थल (नेवी व आर्मी) के साथ-साथ नभ (वायु सेना) से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दाग सकता है.

सुखोई फाइटर जेट विमान से राजस्थान के पोखरण क्षेत्र में 22 मार्च गुरुवार को यह दुनिया की सबसे तेज मिसाइल दागी गई. इसे भारत व रूस के संयुक्त प्रयास से तैयार किया गया. परीक्षण में इसने लक्ष्य पर ‘पिन प्वाइंट’ निशाना लगाया. इसके साथ ही अब भारत दुनिया का वह चौथा देश बन गया है. भारत सरकार इन सुपरसोनिक मिसाइलों को सभी सुखोई विमानों में लगाने जा रही है. अब भारत की वायुसेना का फाइटर जेट प्लेन का दस्ता मिसाइल दाग विंग भी बनाने जा रहा है.

ब्रम्होस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल चीन के पास नहीं है.उसके पास ऐसी मिसाइलें हैं जो ध्वनि की गति से कई गुना तेज गति से लक्ष्य को निशाना बना सकती हैं. लेकिन उसके पास ऐसी मिसाइल अभी भी नहीं है कि वह उसे तीनों सेनाओं आर्मी, नेवी व एयरफोर्स में दाग सके. भारत की ब्रम्होस की रफ्तार 3700 किलोमीटर प्रति घंटा है. इसकी रफ्तार ध्वनि से 15 गुना तेज है और इसकी रेंज 400 किलोमीटर तक बढ़ाई जा सकती है. यह कम ऊंचाई पर दागी जाती है इसलिए राडार की पकड़ में नहीं आती.

भारत और चीन के बीच अपने आप एक युद्धक प्रतिस्पर्धा हो गयी है. चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग अपने देश के संविधान में परिवर्तन कराके तीसरी बार भी राष्ट्रपति बन गये हैं और प्रावधान ऐसा किया गया है कि वे उसके बाद भी चुने जा सकते हैं. अभी तक वहां राष्ट्रपति का समयकाल दो टर्म का होता था और अब यह समय-सीमा समाप्त कर दी गयी है.

जिनपिंग का नये काल का पहला उद्बोधन आक्रामक रुख का रहा वे विस्तारवादी नीतियों पर चल रहे हैं. प्रशांत महासागर में उन द्वीपों पर हक जता रहे हैं जो पूर्वी चीन सागर में जापान के द्वीप हैं. दक्षिण चीन सागर में अपनी समुद्री सीमा बढ़ाना चाहता है. इसमें उसे सबसे ज्यादा रुकावट जापान, अमेरिका और भारत से मिल रही है. जिसकी वजह से वह कुछ कर नहीं पा रहा है.

अपनी रणनीति में वह अमेरिका के खिलाफ उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति बना चुका है. यह राष्ट्र अपने आप में कुछ नहीं है. वह केवल चीन के कहे अनुसार अमेरिका को परमाणु युद्ध की धमकियां देता रहता है. इसी तरह चीन लगातार पाकिस्तान को भी भारत के विरुद्ध तैयार कर रहा है. अभी इसी समय उसने भारत की बढ़ती मिसाइल क्षमता को देखते हुए पाकिस्तान को अत्याधुनिक मिसाइल ट्रेकिंग सिस्टम दिया है.

चीन पाकिस्तान में चीन-ग्वादर आर्थिक गलियारा बना चुका है. अब सामरिक क्षेत्र में पाकिस्तान सबसे ज्यादा हथियार व युद्ध सामग्री चीन से खरीद रहा है. भारत प्रशांत क्षेत्र में वियतनाम को भी युद्धक दृष्टिï से तैयार कर रहा है. वह उसे मिसाइल सिस्टम देने जा रहा है. प्रशांत महासागर क्षेत्र में चीन के कारण काफी तनाव की स्थिति बन गयी है.

जिनपिंग ने अपने प्रथम अधिवेशन में ताईवान को चीन की भूमि बताने का मुद्दा फिर से उठाया है. प्रशांत में जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, आस्ट्रेलिया व अमेरिका ने चीन की हद खींच दी है कि वह अपनी हद में ही रहे.

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