नई दिल्ली,  दिवाली के मौके पर पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 1 नवंबर तक के लिए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है. सरकारी वकील ने इस मामले में कहा है कि रोक सिर्फ पटाखे बेचने पर लगी है, इस्तेमाल पर नहीं.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई थी कि कोर्ट 12 सितंबर के अपने उस आदेश को वापस ले जिसमें कोर्ट ने शर्तों के साथ दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर लगी रोक हटाई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि दिवाली के बाद इस बात की भी जांच की जाएगी कि पटाखों पर बैन के बाद हवा की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है या नहीं. कोर्ट ने कहा कि 1 नवंबर के बाद पटाखों की बिक्री फिर से शुरू की जा सकती है. सर्वोच्च न्यायालय ने पटाखा विक्रेताओं को दिए नए और पुराने दोनों ही लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर लगी रोक कुछ शर्तों के साथ हटाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री के लिए पुलिस की निगरानी में लाइसेंस दिए जाएं. ज्यादा से ज्यादा 500 अस्थाई लाइसेंस ही दिए जा सकेंगे. अब कोर्ट ने पूरी तरह से पटाखों की बिक्री पर बैन लगा दिया है.

बता दें कि इसी महीने वायु प्रदूषण पर नजर रखने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी सफर (सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी ऐंड वेदर फॉरकास्टिंग ऐड रिसर्च) ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में हवा की क्वॉलिटी खराब हो गई है और अगले कुछ दिनों में हालात और खराब होंगे. वायु गुणवत्ता सूचकांक के खराब होने का मतलब है कि लोग यदि ऐसी हवा में लंबे समय तक रहें तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.

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