नयी दिल्ली,

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल के दौरान हुई झड़प मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुये ट्रायल के दौरान सुशील के समर्थकों अौर उनके प्रतिद्वंद्वी प्रवीण राणा के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी।सुशील और उनके समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन धाराओं के तहत सुशील को एक वर्ष की जेल या एक हज़ार रूपये जुर्माना या दोनों सज़ा भुगतनी हो सकती है।

वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों और सीनियर एशियाई चैंपियनशिपों की भारतीय टीमों को चुनने के लिए शुक्रवार को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था लेकिन ट्रायल ही अखाड़े में बदल गया।ट्रायल से इतर सुशील के समर्थकों और उनके छत्रसाल स्टेडियम के साथी पहलवान प्रवीण राणा के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हो गई।

सेमीफाइनल में हारे राणा ने सुशील के समर्थकों पर उन्हें पीटने और धमकी देने का आरोप लगाया जिससे दोनों पहलवानों के समर्थकों में जमकर मार-पिटाई हो गयी।पुलिस ने बताया कि इस झगड़े के दौरान मीडिया मौजूद था और यह पूरा घटनाक्रम कैमरों में कैद हुआ है जिसके आधार पर पुलिस ने सुशील और उनके समर्थकों पर प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस उपायुक्त(सेंट्रल) मनदीप सिंह रंधावा ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान के खिलाफ एफआईआर की पुष्टि की है।उन्होंने साथ ही कहा कि इस मामले में जांच की जा रही है।उन्होंने साथ ही बताया कि राणा या उनके समर्थकों की ओर से सुशील के खिलाफ किसी तरह की आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

ट्रायल के दौरान सुशील और राणा का मुकाबला भी हिंसक रहा और दोनों ही पहलवानों ने एक दूसरे को काटने का आरोप लगाया।सुशील को पहले राउंड में बाई मिली और फिर अगले राउंड में उन्होंने दिनेश कुमार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 10-0 से हरा दिया।

उन्होंने फिर राणा को कड़े मुकाबले में 7-3 से हराया और फिर जितेंद्र को 4-3 से हराकर 74 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के लिए टिकट हासिल कर लिया।

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