भोपाल,  सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में भारतीयों की मदद के लिए लोकप्रिय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की एक पहल पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक नवजात के लिए संभवत: नई जिंदगी साबित हो सकती है।

मात्र तीन दिन के इस शिशु के दिल में गड़बड़ी थी, जिसका इलाज भोपाल में नहीं हो पा रहा था। अपने बच्चे की ऐसी हालत से बेहद मायूस उसके पिता ने 25 जनवरी को ट्वीट कर प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मदद मांगी थी, जिसके बाद श्रीमती स्वराज ने पिता की हरसंभव मदद के लिए ट्वीट किए। सूत्रों के मुताबिक भोपाल निवासी देवेश शर्मा की पत्नी ने बुधवार को सिजेरियन डिलीवरी से एक बेटे को जन्म दिया था।

बच्चे को सांस लेने में तकलीफ के बाद दिल की बीमारी के बारे में पता चला। चिकित्सकों के मुताबिक बच्चे की दिल की गड़बड़ी के कारण उसके शरीर के एक हिस्से में साफ और एक हिस्से में गंदा खून सप्लाई हो रहा है। अभी वेंटिलेटर पर रखे गए इस नवजात को फौरन सर्जरी की जरूरत बताई गई, लेकिन इतनी कांप्लिकेटेड सर्जरी के लिए भोपाल में व्यवस्थाएं नहीं होने के चलते चिकित्सक तैयार नहीं हुए।

भोपाल में कई चिकित्सकों और विशेषज्ञों से बात होने के बाद भी बात नहीं बनते देख सॉफ्टवेयर इंजीनियर देवेश ने थकहार कर टि्वटर के माध्यम से अपनी परेशानी साझा की। देवेश के ट्वीट का जवाब देते हुए विदेश मंत्री श्रीमती स्वराज ने गणतंत्र दिवस पर ट्वीट करते हुए परिवार से उनका संपर्क मांगा। इसके बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि परिवार से संपर्क के बाद बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई हैं।

एम्स के कार्डियक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ बलराम ऐरन ने फौरन सर्जरी की जरूरत बताई है। हम बच्चे की नई दिल्ली एम्स में सर्जरी की व्यवस्था कर सकते हैं, अब आगे परिवार को फैसला करना है। सूत्रों के मुताबिक बच्चे को अब दिल्ली भेजे जाने की व्यवस्था की जा रही है, जहां उसकी फौरन सर्जरी करवाई जाएगी।

Related Posts: