भोपाल,   मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि वे विंध्य क्षेत्र सहित प्रदेश के 40 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करें और प्रदेश में सूखे की स्थिति को देखते हुए केन्द्र सरकार से राहत लेने की हिम्मत जुटाएं।

नेता प्रतिपक्ष कार्यालय की ओर से आज जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से मांग की है कि वे 40 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों के कर्ज और बिजली के बिल तत्काल माफ करें। श्री सिंह ने कहा कि इन जिलों में व्याप्त सूखे के कारण किसान संकट का सामना कर रहे हैं। भावुक होकर किसान कोई अप्रिय कदम न उठाएं, इसलिए सरकार तत्काल उन्हें राहत देने का एेलान करे।

विज्ञप्ति में श्री सिंह के हवाले से कहा गया है कि पूर्ववर्ती केंद्र सरकार के समय इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रदेश सरकार तत्काल केन्द्र से किसानों को राहत देने के लिए राशि की मांग करती थी, लेकिन अब एक महीना गुजर जाने के बाद भी सरकार ने मौन धारण कर रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केन्द्र सरकार से राहत लेने की हिम्मत जुटाएं।

नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने आरोप लगाया कि कई जिलों में सूखे के कारण बहुत गंभीर स्थिति है, पर सरकार अभी तक सिर्फ बैठक कर रही है और मंत्रियों को निर्देश दे रही है कि वे दौरे कर मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रखें, लेकिन अभी तक न कोई रणनीति बनाई गई है और न ही किसी प्रकार की राहत देने का एलान किया है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों के कर्ज को लेकर जो समाधान योजना बनाई थी वह फाइलों में कैद है। भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह आपदा किसानों पर कहर बन गई है।

उन्होंने कहा कि जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, नंरसिंहपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, अलीराजपुर, देवास, शाजापुर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, हरदा, बैतूल और होशंगाबाद में अल्पवर्षा के कारण किसान बोनी भी नहीं कर पाए हैं।

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