Supreme-Courtनयी दिल्ली,  सुप्रीम कोर्ट ने सूखे के संकट से निपटने में की जा रही ढील पर केन्द्र और राज्य सरकारों को कड़ी फटकार लगाते हुए आज कहा कि संसाधनों की कमी का रोना रोकर च्आप लोगज् अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस एनवी रमना की पीठ ने देश के 11 सूखा प्रभावित राज्यों में आए दिन किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं और महिलाओं तथा बच्चों की दुर्दशा के मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकारों से कहा कि वे अपने यहां सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को देर से होने वाले भुगतान तथा फसल नष्ट होने के मामलों में पर्याप्त मुआवजा देना सुनिश्चित करें।

कोर्ट ने इसके साथ ही राशन प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्यों को अपने यहां खाद्य आयुक्त नियुक्त करने और केन्द्रीय रोजगार गारंटी परिषदें स्थापित करने का आदेश भी दिया।

 

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