Supreme-Courtनई दिल्ली,   सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न राज्यों में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए एसटीएफ गठित करने और सूखा राहत के लिए राष्ट्रीय योजना तैयार करने के आज केंद्र सरकार को निर्देश दिये.

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस एनवी रमण की पीठ ने योगेन्द्र यादव के नेतृत्व वाले एनजीओ ‘स्वराज अभियान’ की याचिका पर अपना पहला फैसला सुनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार को इससे निपटने के लिए एसटीएफ का गठन करना चाहिए.

शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्यों को सूखाग्रस्त घोषित करते समय उसमें आत्महत्या और किसानों के पलायन के पहलुओं को भी शामिल किया जाए. इसके साथ ही न्यायालय ने कृषि सचिव से कहा कि वह बिहार, हरियाणा और गुजरात के मुख्य सचिवों के साथ एक हफ्ते की भीतर बैठक करके तय करें कि वहां सूखे के हालात हैं या नहीं.

न्यायालय के आदेश के अनुसार सूखे से संबंधित नियमावली में भी संशोधन करना होगा. इसमें यह समयसीमा तय की जाएगी कि राज्य कब सूखा घोषित करें. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि सरकार सूखे से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करे. पीठ इस मामले में तीन हिस्सों में फैसला सुनाएगी, जिसका पहला हिस्सा आज आ गया है.

बाकी दो हिस्सों का फैसला जल्द ही आएगा. न्यायालय ने गत माह के अंत में इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था. इससे पहले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने केंद्र के साथ-साथ राज्यों को भी सूखे की स्थिति को गंभीरता से नहीं लेने पर कई बार फटकार लगाई थी.

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