नवभारत न्यूज भोपाल,

छोला मंदिर थाना अंतर्गत एक युवक ने सूदखोरी से तंग आकर सल्फास की गोलियां खा लीं. युवक को परिजन उपचार के लिए पीपुुुल्स अस्पताल ले गए, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई. युवक के पास से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने इसका उल्लेख किया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

छोला मंदिर पुलिस से मिली जानकारी अनुसार रोहित विश्वकर्मा उम 25 वर्ष लीलाधर कॉलोनी में रहता था. वह बेस्ट प्राइज में काम करता था. कुछ महीने पहले उसने दोस्त के लिए अंशुल गुप्ता, पंकज मालवीय और रघुवीर लोधी से 80 हजार रुपए उधार दिलाए थे. पैसे लेने के बाद उसके दोस्त कहीं चला गया, जिसके चलते ये लोग रोहित पर पैसा देने के लिए जोर डालने लगे.

रोहित ने इन्हें अब तक ब्याज में डेढ़ लाख से अधिक रुपए दे दिए थे, लेकिन ये लोग उस पर लगातार दबाव बना रहे थे. इसी बात को लेकर गत दिवस रोहित ने घर में रखी सल्फास की गोलियां खा ली, परिजन उपचार के लिए ले गए जहां उसकी बीती रात मौत हो गई.

परिजनों का कहना है कि उक्त तीन युवकों ने उसे काफी परेशान कर दिया था, इतना ही नहीं रोहित का मोबाइल भी छीन लिया था. सूदखोरी से रोहित काफी तंग आ चुका था और वह काफी परेशान चल रहा था. बताया जा रहा है कि इसका जिक्र उसने परिजनों से भी किया था.

परिवार को जहर दे दूं या फिर मर जाऊं

जो सुसाइड नोट मृतक के पास से बरामद हुआ है, उसमें मृतक ने लिखा है कि कुछ लोग उसे बहुत परेशान कर रहे हंै. तीन लोग पंकज मालवीय, अंशुल गुप्ता और रघुवीर लोधी जो बेस्ट प्राइज में जॉब करते हैं, 20 प्रतिशत का ब्याज ले रहे हैं.

इस कारण वह अपने परिवार के लिए कुछ कर नहीं पा रहा है. युवक किस तरह से परेशान था इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोट में लिखा है कि या तो अपने परिवार को जहर दे दूं या फिर वही मर जाए.

तनख्वाह घर तक नहीं ले जा पाता है, इनकी जो मूल रकम थी उसका चार गुना अदा कर चुका हूं. अंत में यह भी लिखा है कि सुसाइड से मेरे परिवार का कोई संबंध नहीं है और परिजनों से माफी भी मांगी है.

सूदखोरी का धंधा भोपाल में जोरों पर

राजधानी भोपाल में सूदखोरी का धंधा जोरों पर चल रहा है. दस प्रतिशत, बीस प्रतिशत यहां तक की 25 प्रतिशत तक लोगों से ब्याज बसूला जा रहा है. हाल ही में जहां अशोका गार्डन क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, वहीं इससे पहले तीन चार अन्य घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन सूदखारों पर उचित कार्रवाई नहीं हो पाने से इस पर रोक नहीं लग पा रही.

इतना ही नहीं हाथ ठेला, मजदूर तबकेे के लोगों को निशाना बनाया जाता है. छोला मंदिर की घटना के बाद जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि राजधानी में यह धंधा जोरों से चल रहा है.

किस तरह गरीब तबके के लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं इसका अंदाजा लगा जा सकता है कि एक अन्य युवक जो हनुमानगंज क्षेत्र में रहता है उसका परिचय होने पर सत्तर हजार रुपए किश्तों में लिए और उनका ब्याज भी 10 प्रतिशत की दर से देता रहा. युवक के मुताबिक वह अभी तक करीबन 70 हजार के चार लाख से अधिक रुपए पिछले सात सालों में अदा कर चुका है, लेकिन कर्ज है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा.

हर माह की 15 तारीख तक उसे दस प्रतिशत के हिसाब से ब्याज अदा करना होता है, इस बार जब वह नहीं कर पाया तो सूदखोर उसके घर पहुंच गया और गाली गलौज करने लगा, साथ ही परिवार को जान से मारने की धमकी दी.

उस युवक ने चर्चा में कहा कि उसे ऐसा लगता है कि आजीवन वह इस कर्ज को नहीं अदा कर पाएगा,क्योंकि ब्याज की राशि इतनी है. ऐसे ही अन्य कई मामले हैं जिनमें गरीबों का खून चूसा जा रहा है. पुलिस को आवश्यकता है कि ऐसे मामलों में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे और गरीबों को सूदखोरों के चुंगल से मुक्त कराएं.

कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अब सूदखोरों के विरूद्ध अभियान चलाया जाएगा और उन्हें चिंह्ति कर कार्रवाई की जाएगी.
-जयदीप प्रसाद
आई, भोपाल संभाग