मुम्बई,   अधिकतर विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू बाजार में दवा तथा एफएमसीजी कंपनियों में हुई बिकवाली के दबाव में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स कल की तेजी खोता हुआ आज 147.58 अंक फिसलकर 31,661.97 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 36 अंक की गिरावट में 9,916.20 अंक पर रहा। शेयर बाजार पर उत्तर कोरिया को लेकर जारी निवेशकों की चिंता और सरकार द्वारा नोटबंदी के दौरान संदिग्ध लेनदेन के कारण दो लाख से ज्यादा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुये उनका पंजीकरण रद्द कर उनके बैंक खातों से लेनदेन पर कल प्रतिबंध लगाने का भी असर पड़ा है।

कंपनी कानून के तहत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास पंजीकृत दो लाख नौ हजार 32 कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया है। इन शेल कंपनियों का पंजीकरण रद्द करने और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण सेंसेक्स 96.05 अंक की गिरावट में 31,7713.50 अंक पर खुला।

कारोबार के दौरान यह 31,727.85 अंक के उच्चतम स्तर तक गया लेकिन स्वास्थ्य और एफएमसीजी सहित 13 समूहों में हुई बिकवाली के दबाव में यह 31,586.53 अंक के निचते स्तर से होता हुआ गत दिवस की तुलना में 0.46 प्रतिशत लुढ़ककर 31,661.97 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की 30 में से 19 कंपनियां लाल निशान में और 10 हरे निशान में रहीं जबकि सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।

बीएसई के 20 में से छह समूहों के सूचकांकों में तेजी और 13 में गिरावट रही जबकि यूटिलिटीज समूह के सूचकांक में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी भी सेंसेक्स की तरह 52.95 अंक की गिरावट में 9,899.25 अंक पर खुला।

कारोबार के दौरान 9,882.55 अंक के निचले और 9,931.55 अंक के उच्चतम स्तर से होता हुआ यह गत दिवस की तुलना में 0.36 फीसदी फिसलकर 9,916.20 अंक पर बंद हुआ।

निफ्टी की 51 में से 19 कंपनियां हरे निशान में और 22 लाल निशान में रहीं।
दिग्गज कंपनियों के विपरीत मंझोली और छोटी कंपनियों में लिवाली का जोर रहा।

बीएसई का मिड कैप 0.17 फीसदी यानी 26.85 अंक की बढ़त में 15,705.00 अंक पर और स्मॉलकैप 0.35 फीसदी यानी 57.05 अंक की बढ़त में 16,250.23 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,718 कंपनियों में कारोबार हुआ ।
इनमें से 1,337 कंपनियों के शेयरों में तेजी और 1,235 में गिरावट और 146 के भाव अपरिवर्तित रहे।

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