मुंबई,  सरकार कई तरह के फंड बनाती है इसके लिए हमसे सेस वसूलती है। कभी पढ़ाई के नाम पर तो कभी सफाई के नाम पर। और ये सेस का जाल इतना फैला है कि आप और हम अंदाजा नहीं लगा सकते कि सरकार के पास कितने रुपये साल दर साल इक्कठा हो रहे हैं। बड़ी बात ये है कि इन पैसों का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा।

सरकार ने टैक्स पेयर से 1996-2015 के बीच जो सेस वसूले उससे इक्कठा हुआ लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये व्यर्थ पड़ा है, यानी उसका कोई इस्तेमाल ही नहीं किया गया। 2006 से टैक्स पेयर्स पर 1 फीसदी का सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन (एसएचईसी) सेस लगाया गया। 2015 तक इसमें इक_ा हुए 64,288 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आज तक नहीं हुआ है। इसके लिए कोई फंड भी नहीं बनाया गया जहां ये पैसा जमा होता।

 

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