नयी दिल्ली,  सरकार ने आज कहा कि सैनिकों को निर्धारित मानकों के आधार पर राशन दिया जाता है और विभिन्न स्तर पर परखा गया गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

रक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष भामरे ने लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के जवाब में कहा कि सेना में कम गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने, सैनिकों को खराब भोजन दिए जाने तथा अधिकारियों द्वारा सैनिकों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है।

सैनिकों के लिए भोजन के जो मानक तय किए गए हैं उसी के आधार पर उन्हें भोजन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में दो सैनिकों की शिकायत के वीडियो सोशल मीडिया के जरिए सामने आए हैं लेकिन ये वीडियो सैनिकों के निजी मामले हैं और इस तरह की कोई सामूहिक शिकायत नहीं है। अन्य सैनिकों की तरफ से भोजन को लेकर कोई शिकायत नहीं है।

इस तरह की जो भी शिकायतें होती हैं उनका समाधान कंपनी कमांडर के स्तर पर ही कर लिया जाता है। उनका कहना था कि सैनिकों को सेना के लिए निर्धारित मानकों के आधार पर ही भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

श्री भामरे ने बताया कि पहले राशन की गुणवत्ता परखी जाती है उसके बाद यूनिट आधार पर कमांडिंग ऑफिसर उसे चेक करता है। यूनिट में पके हुए भोजन को सैनिकों तक पहुंचाने से पहले ड्यूटी ऑफिसर द्वारा चेक किया जाता है। इस मामलेे में हर महीने प्रत्येक सैन्य शिविर में एक बैठक भी होती है जहां भोजन की गुणवत्ता पर बात की जाती है।

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