मुंबई . बेमौसम बारिश की वजह से फसल खराब होने की बढ़ती आशंकाओं के बीच सोयाबीन के दाम तेजी से बढ़े हैं. पिछले एक महीने में सोयाबीन के दाम 25 फीसदी चढ़ चुके हैं. मांग में बढ़ोतरी के साथ आवक कमजोर होने के कारण सोयाबीन की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है. कीमतें बढऩे की वजह बेमौसम बारिश से उत्पादन 30-40 फीसदी तक प्रभावित होने की आशंका भी है, जबकि सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) कीमतें बढऩे की वजह वायदा बाजार में सक्रिय सटोरियों को बता रही है.
एनसीडीईएक्स पर कारोबार के दौरान सोयाबीन के लगभग सभी अनुबंध अपर सर्किट के शिकार हुए. वायदा बाजार में सोयाबीन की कीमतें बढ़कर 4,232 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. जबकि एक महीना पहले एनसीडीईएक्स पर सोयाबीन जून अनुबंध की कीमत 3,360 रुपये प्रति क्विंटल बोली जा रही थी. एसएमसी कमोडिटी के अनुसार सोयाबीन में आगे भी तेजी जारी रहने की संभावना है. केरल के पोल्ट्री उत्पादों पर लगा प्रतिबंध इसी महीने हटाए जाने की संभावना बढ़ गई है.
इस फैसले से सोयाबीन मील की मांग बढ़ेगी. सोयाबीन की आवक कमजोर है और नई फसल अक्टूबर में आना शुरू होगी जिससे दाम बढऩे तय हैं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीबोट में सोया तेल की खरीदारी बढऩे से कीमतों को मदद मिल रही है. ब्राजील और अर्जेटीना में पेराई करने वाले श्रमिकों की हड़ताल के कारण भी सोयाबीन मजबूत हो रही है.
दूसरी तरफ सोपा कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह वायदा बाजार के सटोरियों को मान रही है. पिछले एक महीने के दौरान सोयाबीन की कीमतों में करीब 25 फीसदी और सोया तेल की कीमतों में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. कीमतों में यह अंतर भी सटोरियों की सक्रियता की तरफ इशारे कर रहा है. सोपा ने एनसीडीईएक्स पर सट्टेबाजी का सीधे तौर पर आरोप लगाया है. सोपा अध्यक्ष डेविश जैन के मुताबिक एनसीडीईएक्स की वजह से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है, इससे उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. वह इस बात की शिकायत वायदा बाजार आयोग से करेंगे. जैन के मुताबिक उद्योग को हो रहे नुकसान को देखते हुए वह वायदा बाजार आयोग से मांग करेंगे कि ऑफ सीजन में सोयाबीन का वायदा कारोबार बंद कर दिया जाए.

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