Supreme-Courtनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने केरल के सौम्या बलात्कार एवं हत्याकांड के दोषी गोविन्दाचामी को हत्या के अपराध से दोषमुक्त करते हुए उसकी फांसी की सजा आज निरस्त कर दी लेकिन न्यायालय ने उसे 23 वर्षीय सौम्या के साथ बलात्कार का दोषी करार दिया और सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति पी सी पंत और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ गोविन्दाचामी की अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उसके विरुद्ध हत्या का अपराध समाप्त कर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने हत्या के लिए उसे दी गई फांसी की सजा भी निरस्त कर दी। पीठ ने एक फरवरी 2011 की इस घटना में अपीलकर्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत बलात्कार का दोषी जरूर ठहराया और इसके लिए उसे सात साल की सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई।

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