सरकार ने स्कूली बसों के संचालन में बसों की एक दिन की सांकेतिक हड़ताल के विरुद्ध और सख्त कदम उठाया है. राज्य भर में स्कूली बसों के मामले में जो भी गाइड लाइन दी गयी है उसका पालन करना ही होगा. जी.पी.एस. कैमरे व स्पीड गवर्नर लगाने के निर्देश के विरुद्ध इन बसों के संचालकों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है.

प्रशासन ने स्पष्टï किया है कि बस संचालकों को सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन करना होगा. सभी बसों के साथ-साथ छोटे स्कूली वाहनों में महिला अटेंडर का होना अनिवार्य है. बस संचालकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि बसों के ड्राइवर कंडक्टर क्लीनर पूरे स्टाफ का पुलिस से चरित्र सत्यापन करना अनिवार्य ही रहेगा. इसे करवाना ही होगा और इसमें कोई छूट नहीं दी जायेगी.

स्पीड गवर्नर लगाने के बाद भी यदि स्कूल बस 50 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक स्पीड से चलती तो उस पर एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी. संचालकों से कहा गया है कि यदि वे गाड़ी में पूरे कागजात रखते हैं तो उन पर कोई कार्यवाही नहीं होगी.

शासन को स्कूली बसों, मेजिक व आटो के बारे में यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनमें कितने बच्चे बिठाये जा सकते हैं. इनमें ओवर लोडिंग नहीं होनी चाहिए.