मप्र, झारखंड एवं उड़ीसा में लागू होगी परियोजना

  • नीति आयोग ने शुरू की परियोजना

भोपाल,

स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव लाने के लिए नीति आयोग ने साथ-ई परियोजना बनाई है. यह परियोजना देश के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, झारखंड एवं उड़ीसा में लागू की जा रही है.

नीति आयोग ने रविवार को ट्वीट कर यह बताया है कि राज्य को स्कूल शिक्षा का रोल मॉडल बनाने के लिए शुरू की जा रही पहल सस्टेनेबल एकशन फॉर ट्रांसफार्मिंग ह्यूमन कैपिटल इन एजुकेशन – साथ ई का व्यापक रोडमैप एवं विस्तृत टाईमलाइन जारी किया गया है.

इस साथ-इ कार्यक्रम में तीन राज्य मध्यप्रदेश, झारखंड एवं ओडि़शा भागीदार हैं. इसमें नीति आयोग स्कूल शिक्षा में व्यवस्थागत बदलाव की शुरुआत कर रहा है. नीति आयोग के सीइओ अंबिकाकांत ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है. नीति आयोग के द्वारा तैयार रोडमैप के अनुसार यह कार्यक्रम 2018 से 2020 के बीच चलाया जाएगा. इसमें राज्यों को स्कूल शिक्षा का रोल मॉडल बनाने की पहल की जाएगी.

अपने ट्वीट में नीति आयोग ने दावा किया है कि साथ-ई परियोजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश में आगामी 24 माह में माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षण को विद्यमान दो फीसद से बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है.

राजधानी नई दिल्ली में रोडमैप जारी करने के समारोह में शामिल स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कहा कि नीति आयोग की साथ-ई परियोजना से मध्यप्रदेश को अन्य राज्यों में चल रही श्रेष्ठ शिक्षा पद्धतियों के बारे में सीखने और उनका लाभ उठाने का मौका मिलेगा.

उन्होंने कहा कि एकेडमिक मॉनिटरिंग, स्कूल मर्जर एवं प्रोफेशनल डवलपमेंट इस पहल के तीन महत्वपूर्ण पहलू हैं. इस कार्यक्रम में मौजूद राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक तथा साथ-इ राज्य परियोजना के संचालक लोकेश कुमार जाटव का कहना है कि अब हमारे पास सुपरिभाषित उद्देश्यों के साथ एक स्पष्ट रोडमैप है जिससे मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा के बदलाव में मदद मिलेगी.

Related Posts: