नयी दिल्ली,

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पद्मावत फिल्म का विरोध कर रहे करणी सेना के समर्थकों के गुरुग्राम में स्कूल बस पर पथराव की घटना को पूरे देश के लिए “शर्मनाक” बताते हुए इसमें शामिल लोगों को कठोर सजा देने की मांग की है।

छत्रसाल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री केजरीवाल ने कहा “ कल गुरुग्राम में स्कूल बस पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की । इस घटना ने मुझे बहुत आहत किया और मैं पूरी रात सो नहीं पाया ।”

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी से कुछ किलोमीटर दूर गुरुग्राम में यदि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हमारे बच्चों पर पत्थर फेंके जाते हैं तो यह घटना पूरे देश के लिए शर्मनाक है।

गौरतलब है कि गुरुग्राम के जी डी गोयनका स्कूल की बस पर प्रदर्शनकारियों ने उस समय पथराव किया जब बस में बच्चे बैठे थे। हालांकि इस घटना में किसी बच्चे को चोट नहीं लगी है । पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया है और प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

श्री केजरीवाल ने कहा “सोशल मीडिया पर बस पर पथराव की घटना को मैंने देखा। इसे देखने के बाद मैं पूरी रात सो नहीं पाया । गणतंत्र दिवस से ठीक पहले देश की राजधानी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर इस तरह की घटना हम सबके और पूरे देश के लिए शर्मनाक है। बच्चों पर पत्थरों से हमला किया गया।

किसी को कोई भी दिक्कत हो किंतु हमारे बच्चों पर हाथ नहीं उठा सकते हैं। हमारा देश भगवान राम.कृष्ण.बुद्ध और महावीर की धरती है। हमें ऐसी शिक्षा नहीं दी जाती कि मासूमों को निशाना बनाया जाये।”

स्वयं को भगवान राम का भक्त बताते हुए श्री केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या कभी भगवान राम ने मासूम बच्चों पर पत्थर चलाने की बात कही थी। कृष्ण.बुद्ध या महावीर किसी ने भी कभी ऐसी शिक्षा नहीं दी कि मासूमों को निशाना बनाया जाये।

भारत को प्यार और मित्रता वाला राष्ट्र बताते हुए श्री केजरीवाल ने “ आज यदि भगवान राम होते तो ऐसे लोगों को क्या सजा देते . मुझे लगता है कि जो सजा राम ने रावण को दी थी उससे भी कठोर सजा इन उपद्रवियों को मिलती । बस में बैठे बच्चे किसी धर्म या जाति के नहीं थे।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में देश को धर्म और जाति के नाम पर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा “ मैं अपने देश में इस तरह की हिंसा नहीं देख सकता हूं । हम शांत नहीं बैठक सकते हैं क्योंकि हम भारत के नागिरक अपने राष्ट्र से प्यार करते हैं।”

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