guna 1गुना 2 जून का. करीब दस दिन बाद स्टेशन पर आई गुना-बीना को उसके निर्धारित समय पर नहीं चलाए जाने सं मंगलवार को फिर से हंगामें की स्थिति बन गई. नाराज यात्रिसों ने डीआरएम और रेलमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए.
आक्रोशित यात्री स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में घुस गए. इस दौरान धक्का-मुक्की भी की. नौबत यहां बन गई, कि यात्री साबरमति ट्रेन को आगे नहीं बढऩे देने की जिद पर अड़ गए. हंगामेदार स्थिति बनने के बाद ट्रेन को 12 बजे हरी झंडी दिखाई गई.

तब कहीं जाकर हालात सामान्य हो पाए. गुर्जर आंदोलन के कारण गुना-बीना ट्रेन को 2 जून तक के लिए रद्द कर दिया गया था. करीब दस दिन बाद यह ट्रेन फिर से ट्रेक पर लौट आइ. सुबह 6 बजे ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 2 दो खड़ी कर दी गई थी. इसके बाद सुबह 9 बजे से स्टेशन पर यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. गुना-बीना के चलने का समय सुबह 10:15 का हैं.

लेकिन 11 बजे तक यात्री ट्रेन का इंतजार में खड़े रहे. लेकिन ट्रेन अपने निर्धारित समय गुजर जाने के बाद भी ट्रेक दौडऩे के लिए तैयार नहीं की गई. इसके बाद यात्री संघ के पदाधिकारी इस बारे में जबाव तलब करने स्टेशन प्रबंधक के कक्ष में घुस आधिकारियों का आदेश मिलने के बाद ही ट्रेन को रवाना करने का हवाला दिया.

Related Posts: